8 अगस्त 2026 हिंदू पंचांग के अनुसार आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 1:59 बजे तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज रोहिणी नक्षत्र शाम 4:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा।
यदि आप आज पूजा-पाठ, व्रत या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो यहां जानिए दिनभर का संपूर्ण पंचांग।
8 अगस्त 2026 का पंचांग
- दिन: शनिवार
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
- अयन: दक्षिणायन
- ऋतु: वर्षा
- मास: श्रावण
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: दशमी दोपहर 1:59 बजे तक, इसके बाद एकादशी
- नक्षत्र: रोहिणी शाम 4:51 बजे तक, फिर मृगशिरा
- योग: ध्रुव योग सुबह 9:02 बजे तक, इसके बाद व्याघात योग
- सूर्योदय: सुबह 6:16 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
- राहुकाल: सुबह 9:30 बजे से 11:07 बजे तक
- दिशाशूल: पूर्व दिशा
कब रखा जाएगा एकादशी व्रत?
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 8 अगस्त को दोपहर 1:59 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त सुबह 11:04 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर एकादशी का व्रत 9 अगस्त 2026 (रविवार) को रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं में एकादशी का महत्व
सनातन परंपरा में एकादशी व्रत को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक एकादशी व्रत करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है तथा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
एकादशी के दिन किन बातों का रखें ध्यान?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है—
- भगवान विष्णु की पूजा और मंत्र जाप करें।
- सात्विक भोजन ग्रहण करें।
- चावल का सेवन न करने की परंपरा मानी जाती है।
- दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है।
- विष्णु सहस्रनाम या भगवान विष्णु के नामों का स्मरण करें।
चातुर्मास से जुड़ी मान्यताएं
धार्मिक ग्रंथों में चातुर्मास के दौरान तांबे और कांसे के बर्तनों के स्थान पर अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करने तथा पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करने का उल्लेख मिलता है। ये मान्यताएं धार्मिक परंपराओं का हिस्सा हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में इनके पालन की परंपरा भिन्न हो सकती है।
