दुर्ग में शनिवार से कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत हुई। 5 से 7 सितंबर तक चलने वाले इस शिविर में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हो रही है, लेकिन पहले ही दिन कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर सवाल उठे। पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव से भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच कथित गुटबाजी को लेकर सवाल किया गया। सिंहदेव ने इसे खारिज करते हुए कहा कि परिवार में भी अलग-अलग लोगों की राय अलग हो सकती है और इसे गुटबाजी नहीं कहा जा सकता।
भूपेश वरिष्ठ नेता, देवेंद्र युवा नेता
भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच किसी तरह के गुट की मौजूदगी के सवाल पर सिंहदेव ने दोनों नेताओं के बीच उम्र और अनुभव के अंतर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल वरिष्ठ नेता हैं, जबकि देवेंद्र यादव युवा नेता हैं। दोनों पड़ोसी विधायक भी हैं। जब सिंहदेव से पूछा गया कि वह किसके साथ हैं, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि उनका समर्थन कांग्रेस के साथ है।
परिवार का उदाहरण देकर समझाई अलग राय
सिंहदेव ने गुटबाजी के सवाल पर परिवार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे छोटी इकाई परिवार होती है और परिवार में भाई-भाई या पिता-पुत्र के बीच भी अलग-अलग राय हो सकती है। इसी तरह राजनीतिक दल में भी विचारों में अंतर होना सामान्य बात है। उनके मुताबिक, मतभेदों के बावजूद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी के हित में मिलकर काम करना चाहिए, ताकि संगठन को नुकसान न हो।
भाजपा पर भी साधा निशाना
गुटबाजी के सवाल का जवाब देते हुए सिंहदेव ने भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले भाजपा नेताओं को यह जवाब देना चाहिए कि बृजमोहन अग्रवाल को मुख्यमंत्री को बार-बार पत्र क्यों लिखने पड़ रहे हैं। सिंहदेव ने कहा कि जब कोई वरिष्ठ नेता अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार पत्र लिखता है और उसे सार्वजनिक भी करता है, तो इस पर भी सवाल उठना चाहिए।
307 ब्लॉक अध्यक्षों को प्रशिक्षण देने की तैयारी
दुर्ग में चल रहे संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स को संगठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में संगठन संचालन, बूथ स्तर पर काम, सोशल मीडिया के इस्तेमाल और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने जैसे विषय शामिल हैं। कांग्रेस ने प्रदेश के 307 ब्लॉक अध्यक्षों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत बस्तर संभाग से हो चुकी है और अब अलग-अलग संभागों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की कवायद
कांग्रेस के अनुसार, संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य चुनाव के समय अचानक सक्रिय होने के बजाय अभी से ब्लॉक और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के जरिए ब्लॉक अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने की रणनीति बताई जा रही है। दुर्ग का तीन दिवसीय शिविर इसी अभियान का हिस्सा है।
