12-13 अगस्त की रात दिखेंगे 100 तक उल्कापिंड…

12-13 अगस्त की रात दिखेंगे 100 तक उल्कापिंड…

आसमान में होने वाली सबसे खूबसूरत खगोलीय घटनाओं में शामिल पर्सिड उल्का वर्षा (Perseid Meteor Shower) इस साल शानदार नजारा दिखाने वाली है। 2026 में इसका पीक 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की सुबह के बीच रहेगा। NASA के मुताबिक, इस साल उल्का वर्षा देखने के लिए परिस्थितियां खास तौर पर अच्छी रहने की उम्मीद है, क्योंकि पीक के दौरान चांद की रोशनी बेहद कम रहेगी।

12-13 अगस्त की रात क्यों खास है

पर्सिड उल्का वर्षा हर साल जुलाई से अगस्त के बीच सक्रिय रहती है, लेकिन इसकी गतिविधि अगस्त के मध्य में चरम पर पहुंचती है। NASA के 2026 के पूर्वानुमान के मुताबिक इसका अधिकतम स्तर 13 अगस्त को रहेगा और अनुमानित Zenithal Hourly Rate (ZHR) करीब 92 उल्का प्रति घंटे है। आदर्श, अंधेरे आसमान में इससे काफी अच्छा नजारा देखने को मिल सकता है।  इस साल सबसे अच्छी बात यह है कि पीक के आसपास न्यू मून की स्थिति रहेगी। इसका मतलब है कि आसमान में चांद की तेज रोशनी उल्काओं को देखने में ज्यादा बाधा नहीं डालेगी। NASA ने भी 12-13 अगस्त की रात को 2026 के प्रमुख खगोलीय नजारों में शामिल किया है।

कहां से दिखेगी पर्सिड उल्का वर्षा

पर्सिड उल्का वर्षा देखने के लिए किसी विशेष टेलीस्कोप की जरूरत नहीं है। सबसे अच्छा नजारा ऐसे स्थान से मिलेगा जहां शहर की रोशनी और वायु प्रदूषण कम हो। खुले मैदान, ग्रामीण इलाके, पहाड़ी क्षेत्र या डार्क-स्काई लोकेशन इसके लिए बेहतर रहेंगी। NASA भी उल्का वर्षा देखने के लिए शहर की तेज रोशनी से दूर जाने और ज्यादा से ज्यादा आसमान को एक साथ देखने की सलाह देता है।

आधी रात के बाद बढ़ेगी उल्काओं की संख्या

पर्सिड उल्काओं को देखने के लिए आधी रात के बाद का समय बेहतर माना जाता है। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ती है और भोर करीब आती है, आसमान में उल्काओं की गतिविधि बढ़ सकती है। NASA के अनुसार पर्सिड उल्काएं Perseus तारामंडल की दिशा से आती हुई दिखाई देती हैं। हालांकि इन्हें देखने के लिए किसी एक दिशा में लगातार देखने की जरूरत नहीं है। खुले आसमान का बड़ा हिस्सा नजर में रखना ज्यादा उपयोगी है।

क्या एक घंटे में 100 टूटते तारे दिखेंगे

इस सवाल का जवाब थोड़ा सावधानी से समझना जरूरी है। 100 उल्काएं प्रति घंटे का आंकड़ा आदर्श परिस्थितियों में मिलने वाली अधिकतम दर के करीब है, जिसे ZHR कहा जाता है। वास्तविक संख्या स्थान, मौसम, आसमान की स्पष्टता, प्रकाश प्रदूषण और देखने की स्थिति पर निर्भर करेगी। NASA के 2026 पूर्वानुमान में पर्सिड्स के लिए अधिकतम ZHR 92 दिया गया है। इसलिए साफ और अंधेरे आसमान में बड़ी संख्या में उल्काएं देखने की संभावना है, लेकिन हर व्यक्ति को लगातार 100 उल्काएं प्रति घंटे दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। (

किस धूमकेतु से आती हैं पर्सिड उल्काएं

पर्सिड उल्का वर्षा का संबंध 109P/Swift-Tuttle धूमकेतु से है। जब पृथ्वी इस धूमकेतु द्वारा अंतरिक्ष में छोड़े गए धूल और छोटे कणों के क्षेत्र से गुजरती है, तो ये कण पृथ्वी के वायुमंडल में बेहद तेज गति से प्रवेश करते हैं। वायुमंडल में घर्षण और संपीड़न के कारण ये कण गर्म होकर चमकने लगते हैं और हमें आसमान में रोशनी की तेज लकीरों के रूप में दिखाई देते हैं। इन्हीं को आम भाषा में ‘टूटते तारे’ कहा जाता है, हालांकि ये वास्तव में तारे नहीं होते।

देखने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

पर्सिड उल्का वर्षा का आनंद लेने के लिए किसी महंगे उपकरण की जरूरत नहीं है। बस किसी अंधेरी जगह जाएं, आराम से लेटकर खुले आसमान को देखें और आंखों को अंधेरे का अभ्यस्त होने के लिए कुछ समय दें। मोबाइल फोन की तेज रोशनी से बचना भी बेहतर है, क्योंकि इससे आंखों का अंधेरे के प्रति अनुकूलन प्रभावित हो सकता है। मौसम साफ रहा तो 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की सुबह तक आसमान में प्राकृतिक आतिशबाजी का शानदार नजारा देखने को मिल सकता है।

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