छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। 28 सितंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कुछ इलाकों में मौसम खराब होने के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायपुर के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 28 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना बताई गई है।
12 जिलों में 30 से 40 KM की रफ्तार से हवा
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं।
मौसम खराब होने के दौरान बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
रायपुर में महादेवघाट से आवागमन शुरू
हाल की बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर धीरे-धीरे कम हुआ है। रायपुर के महादेवघाट पुल से आवागमन फिर शुरू हो गया है। अमलेश्वर जाने वाला यह मार्ग पिछले दो दिनों से बंद था।
महादेवघाट पर गणेश विसर्जन को देखते हुए फिलहाल विसर्जन में शामिल समितियों के सदस्यों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
नदी-नालों में हादसों से 3 लोगों की मौत
प्रदेश में बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों में अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों के बहने की जानकारी सामने आई है, जिनमें 3 लोगों की मौत हुई है। जलस्तर कम होने के बावजूद नदी, नाले और पुल-पुलियों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है।
तेज हवा और गरज-चमक के दौरान रखें सावधानी
बारिश, बिजली और तेज हवा के दौरान लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाली जगहों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
अचानक मौसम खराब होने पर वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह है। खासकर जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और पुलों को पार करते समय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
चित्रकोट वाटरफॉल में बढ़ा जलप्रवाह
बारिश के बाद बस्तर का चित्रकोट वाटरफॉल भी पूरे शबाब पर नजर आ रहा है। लगातार बारिश और जलप्रवाह बढ़ने से जलप्रपात का दृश्य आकर्षक हो गया है। हालांकि ऐसे मौसम में पर्यटकों को सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
सामान्य से 5.16% ज्यादा बारिश
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 30 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य औसत बारिश 1132.3 मिमी मानी जाती है। वहीं 26 सितंबर तक 1190.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी थी।
इस तरह मानसून सीजन खत्म होने से कुछ दिन पहले ही प्रदेश में सामान्य से 5.16% अधिक बारिश हो चुकी थी। मानसून की शेष अवधि में भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
