मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैत के झंडे वाले क्रूड ऑयल टैंकर MT Kazimah III को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। टैंकर पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर किनारे पहुंचा दिया गया है। भारतीय दूतावास ने बताया कि बचाव अभियान ओमानी अधिकारियों के सहयोग से समन्वित किया गया।
भारतीय दूतावास ने किया रेस्क्यू अभियान का समन्वय
ओमान स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, मिशन ने MT Kazimah III पर मौजूद पांच भारतीय नागरिकों के रेस्क्यू का समन्वय किया। सभी पांचों को सुरक्षित रूप से किनारे पहुंचा दिया गया। दूतावास ने बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमानी अधिकारियों का आभार जताया।
MT Kazimah III को प्रोजेक्टाइल से बनाया गया निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार, MT Kazimah III एक कुवैती झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर है। घटना के समय यह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था और टोगो के लोमे बंदरगाह की ओर जा रहा था।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में प्रोजेक्टाइल लगने के बाद टैंकर में आग लगने की बात कही गई है। हालांकि, भारतीय दूतावास के आधिकारिक बयान में मुख्य रूप से पांच भारतीय नागरिकों के सुरक्षित रेस्क्यू और किनारे पहुंचाए जाने की जानकारी दी गई है।
फारस की खाड़ी में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी में 4,500 से अधिक भारतीय नाविक अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर मौजूद हैं। इनमें 12 सक्रिय कार्गो जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक शामिल हैं। भारत सरकार क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रही है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ने वाला प्रमुख समुद्री मार्ग है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का समुद्री परिवहन होता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी सुरक्षा घटना से वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
