NCERT ने कक्षा 9 के Social Science पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। नई किताब ‘Understanding Society: India and Beyond – Part 2’ में इतिहास के पुराने पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए फ्रांसीसी क्रांति, रूसी क्रांति और नाजीवाद जैसे यूरोपीय इतिहास के विषयों को कक्षा 9 के मौजूदा पाठ्यक्रम से हटाया गया है। इनकी जगह भारतीय इतिहास, मध्यकालीन दौर और विभिन्न शासकों एवं समुदायों के प्रतिरोध पर ज्यादा जोर दिया गया है।
29 सितंबर को जारी हुई नई किताब
NCERT ने नई कक्षा 9 Social Science पुस्तक का Part 2 29 सितंबर 2026 को जारी किया। यह नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 और National Curriculum Framework for School Education (NCF-SE) 2023 के अनुरूप तैयार किए जा रहे नए पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
नई किताब में इतिहास के साथ-साथ राजनीति विज्ञान, भूगोल और अर्थशास्त्र से जुड़े विषयों को भी नए ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
फ्रांसीसी और रूसी क्रांति अब कक्षा 9 में नहीं
पुराने कक्षा 9 इतिहास पाठ्यक्रम में ‘The French Revolution’, ‘Socialism in Europe and the Russian Revolution’ और ‘Nazism and the Rise of Hitler’ जैसे अध्याय शामिल थे। NCERT के नए बदलाव के बाद ये विषय कक्षा 9 के मौजूदा इतिहास पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं रहेंगे।
नई किताब में इसके बजाय भारतीय इतिहास और समाज से जुड़े विषयों को ज्यादा जगह दी गई है।
7वीं सदी से भारत में आक्रमण और प्रतिरोध का उल्लेख
नई किताब के ‘Resistance and Resilience’ अध्याय में 1000 से 1700 ईस्वी के बीच भारत में हुए संघर्षों और विभिन्न भारतीय शासकों एवं समुदायों के प्रतिरोध का विवरण दिया गया है।
किताब में भारतीय उपमहाद्वीप में 7वीं सदी के बाद हुए आक्रमणों को क्षेत्रीय विस्तार और धार्मिक कारणों से जोड़कर चर्चा की गई है। इसमें अरब, तुर्की, मुगल और यूरोपीय शक्तियों के खिलाफ अलग-अलग क्षेत्रों में हुए प्रतिरोध का भी उल्लेख है।
रानी अब्बक्का और नायकी देवी का भी जिक्र
नई किताब में इतिहास की ऐसी महिला शासकों को भी जगह दी गई है, जिनका उल्लेख पुराने पाठ्यक्रम में अपेक्षाकृत कम था। इनमें रानी अब्बक्का चौटा और रानी नायकी देवी शामिल हैं।
पुस्तक में नायकी देवी के 1178 में कसाहरदा के युद्ध में मुहम्मद गोरी को पराजित करने का उल्लेख किया गया है। रानी अब्बक्का के अलावा राजपूतों, अहोम, विजयनगर, मराठों, सिखों और जाटों के प्रतिरोध की घटनाओं को भी शामिल किया गया है।
महाराणा प्रताप और लाचित बोरफुकन की घटनाएं
नई किताब में महाराणा प्रताप के अकबर के खिलाफ प्रतिरोध और लाचित बोरफुकन के नेतृत्व में 1671 की सरायघाट की लड़ाई जैसी घटनाओं का भी उल्लेख है।
इसके अलावा मुगल शासन के खिलाफ सिखों और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के प्रतिरोध को भी पाठ्यक्रम में स्थान दिया गया है।
देवी पूजा और ऐतिहासिक कथाओं का उल्लेख
नई पुस्तक में भारतीय परंपरा में देवी पूजा और युद्ध से जुड़े विश्वासों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि कई शासक युद्ध के समय काली, दुर्गा, भवानी और शक्ति के अन्य रूपों को रक्षक के रूप में स्मरण करते थे।
किताब में कुछ ऐतिहासिक कथाओं के संदर्भ में देवी से प्राप्त तलवारों का भी उल्लेख है। इन विवरणों को पुस्तक में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों के साथ प्रस्तुत किया गया है।
बदलाव का उद्देश्य क्या है?
NCERT के अनुसार नए कक्षा 9 Social Science पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में विश्लेषण, चर्चा, आलोचनात्मक सोच, विभिन्न संस्कृतियों को समझने और नागरिक एवं सामाजिक जीवन में जिम्मेदारी के साथ भाग लेने की क्षमता विकसित करना है। NCERT के Grade 9 के आधिकारिक पाठ्यक्रम दस्तावेज में भी experiential learning, cultural rootedness, Indian Knowledge Systems और holistic development जैसे उद्देश्यों पर जोर दिया गया है।
नई किताब में इतिहास के अलावा Governance and Public Policy जैसे अध्याय भी शामिल हैं, जिनमें भारतीय शासन व्यवस्था और समकालीन सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों को जोड़ा गया है।
नए बदलाव पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
नई किताब में मध्यकालीन भारतीय इतिहास को ‘Resistance and Resilience’ के नजरिए से प्रस्तुत करने पर इतिहास और शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में इसे भारतीय प्रतिरोध और कम चर्चित ऐतिहासिक पात्रों को पाठ्यक्रम में अधिक जगह देने के रूप में देखा गया है, जबकि कुछ इतिहासकारों ने पुराने ऐतिहासिक संदर्भों और सहयोग की घटनाओं को अपेक्षाकृत कम स्थान मिलने पर सवाल उठाए हैं।

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