रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र के कुरूद स्थित महानदी तट पर कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार रात खनिज विभाग की टीम के पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए गतिविधियां रुकीं, लेकिन रविवार शाम और सोमवार सुबह दोबारा रेत उत्खनन शुरू होने का दावा किया गया। मौके पर ट्रैक्टर और भारी वाहनों की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो सामने आने की बात कही गई है।
कार्रवाई के बाद फिर शुरू हुआ उत्खनन
रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को अवैध उत्खनन की जानकारी सामने आने के बाद खनिज विभाग की टीम कुरूद पहुंची थी। दावा है कि टीम के पहुंचने से पहले ही मौके पर मौजूद लोग वाहनों को लेकर वहां से निकल गए।
इसके बाद रविवार शाम दोबारा ट्रैक्टर और अन्य वाहन महानदी तट की ओर पहुंचने की बात सामने आई। सोमवार सुबह भी दिन के उजाले में रेत उत्खनन जारी रहने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम ने पिछली कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।
पहले रात में हो रहा था उत्खनन
इससे पहले सामने आई रिपोर्टों में कुरूद रेत खदान क्षेत्र में रात के समय मशीनों और वाहनों के जरिए रेत निकालने का आरोप लगाया गया था। मौके पर दो जेसीबी, कई ट्रैक्टर और हाइवा वाहनों की मौजूदगी का दावा किया गया था।
स्थानीय सूत्रों के हवाले से रेत को पहले ट्रैक्टरों से किनारे जमा करने और फिर जेसीबी की मदद से हाइवा में लोड करने की बात भी रिपोर्टों में कही गई थी। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की ओर से होना बाकी है।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने किया था विरोध
कुरूद में रेत खदान के संचालन को लेकर सितंबर में आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया था। ग्रामीणों ने रेत खनन से पर्यावरण, जलस्तर और सड़क सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका जताई थी।
एक रिपोर्ट के अनुसार, कुरूद के महानदी क्षेत्र में खसरा नंबर 2742 के तहत करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में रेत खनन की अनुमति से जुड़ी जनसुनवाई हुई थी। ग्रामीणों ने प्रस्तावित खदान के खिलाफ आपत्ति जताते हुए NOC जारी होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
भारी वाहनों की आवाजाही से हादसे का खतरा
स्थानीय लोगों की ओर से यह भी दावा किया गया है कि नदी तक पहुंचने वाले संकरे ग्रामीण रास्तों पर रेत से लदे भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जनसुनवाई के दौरान भी ग्रामीणों ने स्कूल और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर चिंता जताई थी।
प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
हालिया घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि खनिज विभाग की टीम ने मौके पर कार्रवाई की थी, तो उसके कुछ ही समय बाद कथित उत्खनन दोबारा कैसे शुरू हो गया।
वहीं, 3 अक्टूबर को आरंग और मंदिर हसौद क्षेत्र में जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई में 10 हाइवा जब्त किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इससे क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन पर प्रशासन की निगरानी का संकेत मिलता है।
अब स्थायी कार्रवाई की मांग
कुरूद में लगातार सामने आ रहे अवैध रेत उत्खनन के आरोपों के बीच स्थानीय स्तर पर स्थायी कार्रवाई की मांग उठ रही है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि सोमवार को सामने आए कथित दिनदहाड़े उत्खनन पर खनिज विभाग या जिला प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है।
मामले में प्रशासन की आधिकारिक जांच या कार्रवाई सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर हो रहा उत्खनन वैध अनुमति के तहत था या नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था।
