इंदौर में सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब और सख्ती करेगा। सरकारी जमीन पर कब्जा करने, उसे बेचने या अवैध निर्माण के जरिए कॉलोनी विकसित करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई के साथ दोबारा कब्जा रोकने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों की तय की जाएगी। सोमवार को हुई टीएल बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए। कलेक्टर शिवम वर्मा वर्तमान में इंदौर के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हैं।
सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा हुआ तो होगी जवाबदेही
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कार्रवाई के बाद उसी स्थान पर फिर से कब्जा न हो। अवैध कॉलोनियों के विकास पर रोक लगाने और ऐसी कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया।
बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी सख्ती
टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शिकायत को केवल बंद कर देना उसका समाधान नहीं माना जाएगा। आवेदक को संतुष्टिपूर्ण समाधान मिलना जरूरी है।
रेंडम आधार पर पांच प्रकरणों की जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर फायर सेफ्टी व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने को भी कहा गया।
लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
बैठक में अंत्यावसायी विकास निगम की सहायक ग्रेड-3 को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। राशन कार्ड से जुड़ी शिकायत में जांच कर दोषी अधिकारी पर कार्रवाई करने और नामांतरण संबंधी शिकायत के निराकरण में लापरवाही की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए।
वहीं, IDA से जुड़ी एक शिकायत के निराकरण में लापरवाही सामने आने पर संपदा अधिकारी और संपदा अधिकारी वर्ग-2 का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
छात्र के आवास भत्ते की शिकायत पर भी नोटिस
कृषि महाविद्यालय में एक छात्र के आवास भत्ते से जुड़ी शिकायत के निराकरण में लापरवाही मिलने पर एल-1 अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी किया जाएगा।
प्रशासन के इन निर्देशों से साफ है कि सरकारी जमीन पर नए अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों को रोकने के साथ शिकायतों के निराकरण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
