रायपुर। राजधानी रायपुर के डीडी नगर इलाके में मंगलवार को एक आवारा सांड ने जमकर उत्पात मचाया। सांड ने कंचनगंगा फेस-2, सेक्टर-2 और बंजारी नगर क्षेत्र में करीब 15 लोगों पर हमला कर दिया। घायलों में पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल भी शामिल हैं। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सांड बच्चे को गोद में लिए एक बुजुर्ग पर अचानक हमला करता नजर आ रहा है।
बच्चे को गोद में लिए बुजुर्ग पर अचानक हमला
CCTV में दिखाई दे रहा है कि सेक्टर-2 निवासी देवनारायण शर्मा अपने करीब एक साल के पोते को गोद में लेकर घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान सांड ने पीछे से उन पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से बुजुर्ग संभल नहीं पाए और बच्चा भी उछलकर सड़क पर गिर गया। सांड ने बुजुर्ग को दौड़ाकर भी हमला किया। घटना में देवनारायण शर्मा गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी घायल
सांड के हमले में पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कल्पना पटेल समेत करीब 15 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कल्पना पटेल को इलाज के लिए बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सांड काफी आक्रामक तरीके से लोगों पर हमला कर रहा था।
काउ कैचर से नहीं पकड़ा गया सांड
सांड के उत्पात की सूचना मिलने के बाद नगर निगम जोन-5 की टीम काउ कैचर लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने काफी देर तक सांड को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद नगर निगम की ओर से वन विभाग और जंगल सफारी की टीम को बुलाया गया। भाठागांव पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश पटेल की मौजूदगी में टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन की मदद से सांड को बेहोश कर काबू में लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से अधिकारियों को सौंप दिया गया।
सांड को रेबीज होने की आशंका, पुष्टि बाकी
गौ सेवकों की ओर से दावा किया गया है कि करीब दो महीने पहले इस सांड को एक कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उसके रेबीज से संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, सांड को रेबीज होने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए उसके आक्रामक व्यवहार को रेबीज से जोड़ना फिलहाल जांच का विषय है।
घटना के बाद आवारा मवेशियों को लेकर सवाल
इस घटना ने रायपुर में आवारा मवेशियों की समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। सांड के हमले के बाद स्थानीय स्तर पर मवेशियों को नियंत्रित करने और ऐसी घटनाओं को रोकने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद नगर निगम, वन विभाग, जंगल सफारी और पशु चिकित्सा टीम की कार्रवाई से सांड को काबू में कर लिया गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
