मौसम में बदलाव के साथ त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां बढ़ने लगती हैं। खासकर ठंडक बढ़ने और हवा में नमी कम होने पर होंठ और एड़ियां जल्दी सूखने लगती हैं। ऐसे में होंठों पर पपड़ी जमना, उनका फटना और एड़ियों में रूखापन या दरारें पड़ना आम समस्या हो सकती है।
कई लोग इस समस्या से राहत पाने के लिए सिर्फ लिप बाम या क्रीम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन नियमित स्किन केयर न होने पर ड्राईनेस दोबारा परेशान कर सकती है। मौसम बदलने के दौरान त्वचा की नमी बनाए रखना इसलिए जरूरी है। कुछ आसान आदतों को अपनाकर होंठों और एड़ियों को ज्यादा रूखा होने से बचाया जा सकता है।
होंठों की ड्राईनेस क्यों बढ़ जाती है?
होंठों की त्वचा शरीर के कई दूसरे हिस्सों की तुलना में अधिक नाजुक होती है। ठंडे और शुष्क मौसम में यहां मौजूद नमी तेजी से कम हो सकती है। इसके अलावा बार-बार होंठ चाटना, पर्याप्त पानी न पीना, बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल और कुछ कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स भी रूखेपन को बढ़ा सकते हैं।
इसलिए होंठ सूखने पर उन्हें बार-बार जीभ से गीला करने के बजाय मॉइस्चराइजिंग लिप बाम का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
दिन में कई बार लगाएं लिप बाम
होंठों की नमी बनाए रखने के लिए दिन में जरूरत के अनुसार लिप बाम लगाया जा सकता है। खासकर रात में सोने से पहले मॉइस्चराइजिंग लिप बाम लगाने से होंठों को सूखने से बचाने में मदद मिल सकती है।
ऐसे प्रोडक्ट्स से बचें जिन्हें लगाने के बाद जलन, चुभन या असहजता महसूस हो। बहुत ज्यादा खुशबू या परेशान करने वाले तत्वों वाले प्रोडक्ट संवेदनशील होंठों के लिए ठीक नहीं हो सकते।
होंठों को बार-बार न चाटें
होंठ सूखने पर उन्हें जीभ से गीला करने से थोड़ी देर के लिए राहत मिलती है, लेकिन बार-बार ऐसा करने से समस्या बढ़ सकती है। इसलिए होंठों को चाटने की आदत से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर लिप बाम का इस्तेमाल करना चाहिए।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
शरीर को पर्याप्त पानी मिलना त्वचा की सामान्य सेहत के लिए जरूरी है। ठंड के मौसम में प्यास कम लग सकती है, लेकिन पानी पीने की जरूरत बनी रहती है। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत बनाए रखें।
एड़ियों की ड्राईनेस कैसे कम करें?
मौसम बदलने पर पैरों और खासकर एड़ियों की त्वचा रूखी और कठोर हो सकती है। अगर नियमित मॉइस्चराइजिंग न की जाए तो एड़ियों पर दरारें भी पड़ सकती हैं।
नहाने के बाद और रात में सोने से पहले एड़ियों पर गाढ़ा मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पैरों को धोने के बाद अच्छी तरह सुखाकर मॉइस्चराइजर लगाना बेहतर रहता है।
रात में पहनें साफ कॉटन के मोजे
अगर एड़ियां ज्यादा रूखी हैं तो मॉइस्चराइजर लगाने के बाद साफ और मुलायम कॉटन के मोजे पहनकर सो सकते हैं। इससे मॉइस्चराइजर त्वचा पर लंबे समय तक बना रह सकता है और एड़ियों को मुलायम रखने में मदद मिल सकती है।
बहुत गर्म पानी से बचें
ठंड के मौसम में गर्म पानी से नहाना आरामदायक लगता है, लेकिन बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर सकता है। इसलिए नहाने के लिए बहुत गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।
पैरों को लंबे समय तक पानी में भिगोकर रखने से भी बचना चाहिए।
फटी एड़ियों को जोर से न रगड़ें
रूखी एड़ियों की मृत त्वचा हटाने के लिए बहुत ज्यादा स्क्रबिंग या फुट फाइल का इस्तेमाल करने से बचें। जोर से रगड़ने पर त्वचा में जलन या चोट हो सकती है।
इसी तरह होंठों पर जमी पपड़ी को खींचकर निकालना भी ठीक नहीं है। इससे त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और घाव बनने का खतरा बढ़ सकता है।
इन गलतियों से बचना जरूरी
मौसम बदलते ही त्वचा रूखी होने पर बार-बार स्क्रब करना, कठोर साबुन का इस्तेमाल करना या फटी त्वचा को खींचकर निकालना समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए त्वचा के साथ ज्यादा कठोर व्यवहार करने से बचें और नियमित मॉइस्चराइजिंग को स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाएं।
अगर एड़ियों में गहरी दरारें पड़ गई हैं, खून निकल रहा है, ज्यादा दर्द या सूजन है अथवा संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
कुल मिलाकर, मौसम बदलने के दौरान होंठों और एड़ियों की ड्राईनेस से बचने के लिए नियमित मॉइस्चराइजिंग, पर्याप्त पानी और सही स्किन केयर रूटीन पर ध्यान देना जरूरी है। थोड़ी-सी नियमित देखभाल से त्वचा को अत्यधिक रूखा और फटने से बचाने में मदद मिल सकती है।
