नई दिल्ली के यशोभूमि में India Mobile Congress (IMC) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन हुआ। 7 से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस साल IMC की थीम “Scale Without Boundaries” रखी गई है। कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों से प्रतिनिधित्व और 1.5 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
इस आयोजन में टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े वैश्विक कारोबारी, नीति निर्माता, स्टार्टअप, निवेशक और इनोवेटर्स शामिल हो रहे हैं। IMC 2026 में 500 से ज्यादा पार्टनर्स और प्रदर्शक, 600 से अधिक स्टार्टअप और 900 से ज्यादा विचारक एवं विशेषज्ञों की भागीदारी प्रस्तावित है।
मोबाइल कम्युनिकेशन बना गुड गवर्नेंस का माध्यम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भारत में मोबाइल और डिजिटल कनेक्टिविटी से आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से ज्यादा समय में मोबाइल कम्युनिकेशन केवल बातचीत का माध्यम नहीं रहा, बल्कि गुड गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं का महत्वपूर्ण जरिया बन गया है।
पीएम मोदी के मुताबिक पहले बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों से जुड़े काम के लिए लोगों को बार-बार शहरों का रुख करना पड़ता था। डिजिटल सेवाओं और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार से इनमें से कई सेवाएं अब लोगों तक फोन के जरिए पहुंच रही हैं।
DBT से लीकेज रोकने का दावा
प्रधानमंत्री ने Direct Benefit Transfer (DBT) और डिजिटल सिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है।
उन्होंने दावा किया कि डिजिटल प्रणालियों के इस्तेमाल से पुरानी व्यवस्था में होने वाली करीब 5 लाख करोड़ रुपये की लीकेज को रोका गया है। पीएम किसान सम्मान निधि का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से किसानों तक सहायता राशि सीधे पहुंचाई जा रही है। यह आंकड़ा प्रधानमंत्री के संबोधन में किए गए दावे के रूप में रिपोर्ट किया गया है।
एक दशक में ब्रॉडबैंड यूजर्स में बड़ा इजाफा
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत के टेलीकॉम सेक्टर में पिछले वर्षों के बदलावों को रेखांकित किया। उनके अनुसार भारत में ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी है और देश में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है।
भारत में मोबाइल डेटा की कीमतों को भी वैश्विक स्तर पर कम लागत वाले बाजारों में गिना जाता है। इससे स्मार्टफोन और इंटरनेट के इस्तेमाल का दायरा बढ़ा है।
5G से आगे AI और 6G की तैयारी
IMC 2026 में भारत की अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी पर भी फोकस किया जा रहा है। आयोजन में 5G और 6G, AI आधारित नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, सैटकॉम/नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसी तकनीकों को प्रमुखता दी गई है।
इसके अलावा इस साल स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम एक्सपीरियंस, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों को भी IMC के दायरे में शामिल किया गया है।
मोबाइल का उपभोक्ता ही नहीं, निर्माता बन रहा भारत
प्रधानमंत्री ने भारत के बदलते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब केवल मोबाइल और डिजिटल तकनीक का उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि निर्माण और इनोवेशन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
IMC 2026 में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को भी प्रमुखता दी गई है। कार्यक्रम का फोकस भविष्य की कनेक्टिविटी, AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर है।
कुल मिलाकर IMC 2026 को भारत के टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर की मौजूदा क्षमता के साथ-साथ AI, 6G, सेमीकंडक्टर और सैटकॉम जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों के लिए वैश्विक मंच के तौर पर पेश किया जा रहा है।
