भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले मेजबान टीम को बड़ा झटका लगा है। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज विलियम ओ’रूर्के चोटों से उबरने के कारण भारत के खिलाफ आगामी दौरे में नहीं खेल पाएंगे। उनकी बाईं हैमस्ट्रिंग और पिंडली में चोट है। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने उन्हें पूरी तरह फिट होने के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। <escape>【turn166825search0】</escape>
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर 2026 से पांच टी20 इंटरनेशनल, पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होगी। ओ’रूर्के को वनडे और टेस्ट टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उन्हें दौरे से बाहर रखने का निर्णय लिया गया है।
विलियम ओ’रूर्के की चोट ने बढ़ाई न्यूजीलैंड की चिंता
25 वर्षीय विलियम ओ’रूर्के इस साल की शुरुआत में पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबरकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे थे। इस चोट के कारण वह करीब सात महीने तक मैदान से दूर रहे। वापसी के बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी। इसके बाद अगस्त में अभ्यास के दौरान उनकी पिंडली में भी खिंचाव आ गया।
न्यूजीलैंड क्रिकेट के अनुसार, ओ’रूर्के को भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज में खेलना था। हालांकि, मेडिकल टीम और खिलाड़ी से चर्चा के बाद उनकी रिकवरी को प्राथमिकता देने का फैसला किया गया है।
ओ’रूर्के ने 2024 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। अब तक 14 टेस्ट मैचों में उनके नाम 49 विकेट हैं। ऐसे में भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट मुकाबलों में उनकी अनुपस्थिति न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए अहम होगी।
कोच रॉब वॉल्टर ने बताई फैसले की वजह
न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने कहा कि भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में ओ’रूर्के का नहीं खेल पाना निराशाजनक है। हालांकि, टीम प्रबंधन उनकी चोटों से पूरी तरह उबरने और गेंदबाजी का वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ाने के पक्ष में है।
वॉल्टर के मुताबिक, आने वाले महीनों में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों की फिटनेस महत्वपूर्ण रहेगी। इसलिए ओ’रूर्के की वापसी को लेकर जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
न्यूजीलैंड को दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज भी खेलनी है। टीम को उम्मीद है कि ओ’रूर्के पर्याप्त रिकवरी के बाद इस दौरे के लिए फिट हो सकते हैं। हालांकि, उनकी वापसी की तारीख अभी निश्चित नहीं है।
मार्क चैपमैन और जैक फॉल्क्स भी T20 सीरीज से बाहर
न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले दो और खिलाड़ियों की चोट से झटका लगा है। बल्लेबाज मार्क चैपमैन और ऑलराउंडर जैक फॉल्क्स चोट के कारण टी20 टीम से बाहर हो गए हैं।
इन दोनों खिलाड़ियों की जगह जोश क्लार्कसन और ब्लेयर टिकनर को टीम में शामिल किया गया है। इससे पहले ऑलराउंडर रचिन रवींद्र भी कंधे की चोट के कारण भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में जगह नहीं बना सके थे।
हालांकि, इन खिलाड़ियों की स्थिति अलग-अलग है। चैपमैन और फॉल्क्स टी20 सीरीज से बाहर हुए हैं, जबकि ओ’रूर्के भारत के पूरे दौरे में नहीं खेलेंगे। रचिन रवींद्र को घोषित टी20 टीम में शामिल नहीं किया गया है।
22 अक्टूबर से शुरू होगी भारत-न्यूजीलैंड टी20 सीरीज
भारत के न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज से होगी। इसके बाद दोनों टीमें वनडे और टेस्ट मैचों में आमने-सामने होंगी।
भारत-न्यूजीलैंड T20 सीरीज का शेड्यूल
| तारीख | मैच | वेन्यू |
|---|---|---|
| 22 अक्टूबर | पहला T20 | क्राइस्टचर्च |
| 24 अक्टूबर | दूसरा T20 | क्राइस्टचर्च |
| 27 अक्टूबर | तीसरा T20 | वेलिंगटन |
| 30 अक्टूबर | चौथा T20 | ऑकलैंड |
| 1 नवंबर | पांचवां T20 | हैमिल्टन |
भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का शेड्यूल
| तारीख | मैच | वेन्यू |
|---|---|---|
| 4 नवंबर | पहला वनडे | ऑकलैंड |
| 7 नवंबर | दूसरा वनडे | वेलिंगटन |
| 10 नवंबर | तीसरा वनडे | हैमिल्टन |
| 13 नवंबर | चौथा वनडे | माउंट माउंगानुई |
| 15 नवंबर | पांचवां वनडे | माउंट माउंगानुई |
भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का शेड्यूल
| तारीख | मैच | वेन्यू |
|---|---|---|
| 19 नवंबर | पहला टेस्ट | बेसिन रिजर्व, वेलिंगटन |
| 27 नवंबर | दूसरा टेस्ट | हेगली ओवल, क्राइस्टचर्च |
सीरीज के कार्यक्रम की पुष्टि न्यूजीलैंड दौरे से संबंधित प्रकाशित शेड्यूल के आधार पर की गई है।
चोटों के बीच टीम संयोजन पर न्यूजीलैंड की नजर
भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को अपने खिलाड़ियों की फिटनेस और टीम संयोजन पर विशेष ध्यान देना होगा। ओ’रूर्के की अनुपस्थिति से वनडे और टेस्ट टीम की तेज गेंदबाजी योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। वहीं, टी20 टीम में चैपमैन और फॉल्क्स की जगह शामिल किए गए खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी।
भारत का यह दौरा दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होगा। लगातार चोटों के बीच न्यूजीलैंड की कोशिश उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ संतुलित टीम उतारने की होगी।
