चार कैडरों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले छह कैडरों में चार पर 8-8 लाख रुपये, एक पर 2 लाख रुपये और एक पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह सभी पर घोषित इनाम की कुल राशि 35 लाख रुपये बताई गई है।
आत्मसमर्पण करने वालों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या, पांडो पोड़ियम उर्फ सस्मिता, सुक्कू कुड़ियम उर्फ संतोष और कोसा माड़वी उर्फ सतीश शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें पीपीसीएम रैंक का कैडर बताया है। वहीं, देवे मड़कम उर्फ जन्नी और लालू ताती पीएम रैंक के कैडर हैं।
डीआरजी, सीआरपीएफ और बीजापुर पुलिस की भूमिका
पुलिस के मुताबिक, कैडरों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने और इस प्रक्रिया को पूरा कराने में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) बीजापुर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 170वीं बटालियन और बीजापुर पुलिस की अहम भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों और माओवादी संगठन की कमजोर होती स्थिति के साथ शासन की पुनर्वास नीति ने भी कैडरों को हिंसा छोड़ने के लिए प्रभावित किया।
पुनर्वास नीति के तहत मिलेंगी सुविधाएं
आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सामान्य जीवन शुरू करने में मदद देना है।
प्रकाशन से पहले ध्यान दें: खबर में चार कैडरों पर 8-8 लाख, एक पर 2 लाख और एक पर 1 लाख रुपये के इनाम का उल्लेख है। इनका कुल योग 35 लाख रुपये होता है। नामों की वर्तनी, रैंक और इनाम की राशि को पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट से एक बार मिलान कर लें।
