नगर निगम कर्मचारी बताकर जीता कारोबारी का भरोसा
पुलिस के मुताबिक, भाठागांव निवासी सराफा कारोबारी रिखब बरडिया ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को किरण साहू अपनी एक महिला साथी के साथ सदर बाजार स्थित दुकान पर पहुंची। उसने खुद को नगर निगम के आवास विभाग में कार्यरत कर्मचारी बताया।
कारोबारी के अनुसार, पहली खरीदारी में दोनों महिलाओं ने करीब 37 लाख रुपये के आभूषण लिए। इसके बदले 250 ग्राम सोने का बिस्किट और 7 लाख रुपये नकद दिए गए। शेष 15 लाख रुपये के भुगतान के लिए चेक दिया गया।
दूसरी बार में लिए 1.73 करोड़ रुपये के आभूषण
शिकायत के अनुसार, 26 अगस्त को दोनों महिलाएं दोबारा दुकान पहुंचीं। इस बार वे करीब 1.73 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और हीरे के आभूषण लेकर गईं। भुगतान के लिए 1,73,37,630 रुपये का चेक दिया गया और दो-तीन दिनों में सोने के बिस्किट उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया।
कारोबारी का आरोप है कि दोनों खरीदारी के बाद कुल 1,88,37,630 रुपये के आभूषणों का भुगतान नहीं किया गया।
गलत हस्ताक्षर के कारण बाउंस हुआ चेक
कारोबारी ने 1 सितंबर को 15 लाख रुपये का चेक बैंक में जमा किया, लेकिन गलत हस्ताक्षर होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने किरण साहू से भुगतान के संबंध में संपर्क किया। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने भुगतान को लेकर टालमटोल शुरू कर दी और बकाया राशि का हिसाब भी नहीं दिया।
इसके बाद कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
उरला निवासी किरण साहू गिरफ्तार, दूसरी महिला फरार
मामले की जांच के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस के अनुसार, उरला निवासी 28 वर्षीय किरण साहू से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि उसने अपनी महिला साथी के साथ मिलकर इस वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस आभूषणों की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। दूसरी आरोपी महिला की तलाश जारी है।
