सदर रोड और सिवनी क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों व्यक्ति भगवा वस्त्र पहनकर बालोद के सदर रोड, अंदरूनी बस्तियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे थे। गश्त के दौरान उनकी गतिविधियों पर पुलिस को संदेह हुआ। पूछताछ में पता चला कि वे उत्तर प्रदेश से आए थे और जिले में पहुंचने के बाद स्थानीय थाने में आगंतुक पंजीयन यानी मुसाफिरनामा दर्ज नहीं कराया था।
इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को सदर रोड और एक व्यक्ति को सिवनी क्षेत्र से हिरासत में लिया। पुलिस ने उनसे बालोद आने, यहां ठहरने और अपनी गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की।
चित्रकूट और देवरिया के रहने वाले हैं तीनों
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के खोरमपुर निवासी विद्यासागर (41) और उनके 18 वर्षीय पुत्र कृष्ण सागर के रूप में हुई है। तीसरे आरोपी की पहचान देवरिया जिले के पकड़ी रवदुपुर निवासी अतुल पाण्डेय (41) के रूप में की गई है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में तीनों अपने आने के उद्देश्य और जिले में ठहरने से संबंधित सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
बीएनएसएस के तहत कार्रवाई, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
बालोद पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने नागरिकों, व्यापारियों और मकान मालिकों से बाहरी व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगने पर कानून के अनुसार पुलिस को सूचना दी जा सकती है। आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
पुलिस की कार्रवाई मुसाफिरनामा दर्ज नहीं कराने और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर की गई है। मामले में तीनों को अदालत से न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
