भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया। गुवाहाटी में खेले जा रहे मुकाबले में उन्हें नितीश कुमार रेड्डी की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।
आकिब नबी को भारतीय टीम के उपकप्तान केएल राहुल ने डेब्यू कैप सौंपी। राहुल इस मुकाबले के साथ अपना 100वां वनडे मैच भी खेल रहे हैं। आकिब अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और उन्हें क्रिकेट जगत में ‘बारामूला एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है।
दोनों तरफ गेंद स्विंग कराने की क्षमता
आकिब नबी की सबसे बड़ी ताकत गेंद को हवा में दोनों दिशाओं में स्विंग कराने की क्षमता मानी जाती है। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावी प्रदर्शन के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई।
रणजी ट्रॉफी के 2024-25 और 2025-26 सीजन को मिलाकर आकिब ने 104 विकेट अपने नाम किए। इसके बाद आईपीएल 2026 में भी उनके प्रदर्शन ने ध्यान खींचा।
जम्मू-कश्मीर के लिए खेलते हुए आकिब ने 2018 में विजय हजारे ट्रॉफी से लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और जनवरी 2020 में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया।
गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी उपयोगी
आकिब नबी की भूमिका केवल गेंदबाजी तक सीमित नहीं है। वह निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने 82 गेंदों पर नाबाद 114 रन की पारी खेली थी।
इस पारी के दौरान उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में टीम को संभाला और जीत तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया था। ऐसे में आकिब टीम को निचले क्रम में अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प भी देते हैं।
जम्मू-कश्मीर से भारतीय टीम तक का सफर
आकिब का भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर घरेलू क्रिकेट में लगातार किए गए प्रदर्शन पर आधारित रहा है। जम्मू-कश्मीर के लिए उन्होंने लिस्ट-ए, टी20 और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और इसके बाद आईपीएल में प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में डेब्यू के साथ अब ‘बारामूला एक्सप्रेस’ आकिब नबी के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हो गई है। उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।
