भारतीय स्क्वैश की युवा स्टार अनाहत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर नया इतिहास रच दिया है। 18 वर्षीय अनाहत कनाडा के ओंटारियो में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। अब वह भारत को इस प्रतियोगिता का पहला गोल्ड मेडल दिलाने से सिर्फ एक जीत दूर हैं।
सेमीफाइनल में मिस्र की खिलाड़ी को दी मात
सेमीफाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह ने स्क्वैश की मजबूत ताकत माने जाने वाले मिस्र की बारब सामेह को 3-1 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने आत्मविश्वास और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया।
गोल्ड के लिए आज होगा बड़ा मुकाबला
अब फाइनल में अनाहत सिंह का सामना एक बार फिर मिस्र की खिलाड़ी रुकैया सलेम से होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात करीब 10:30 बजे खेला जाएगा। जीत हासिल करते ही अनाहत भारत की पहली वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बन जाएंगी।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन
अनाहत सिंह का इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में हबीबा रिज़क को 3-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी।
इसके साथ ही वह लगातार दो बार वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भी पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई थीं।
पिछले साल ब्रॉन्ज, इस बार गोल्ड पर नजर
पिछले संस्करण में अनाहत सिंह सेमीफाइनल में नादियन एल्हममी से हार गई थीं और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। हालांकि इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में और निखार लाते हुए फाइनल में जगह बनाई है।
अब उनकी नजरें इस शानदार अभियान को गोल्ड मेडल के साथ यादगार बनाने पर टिकी हैं। यदि वह फाइनल जीतती हैं, तो भारतीय स्क्वैश इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा देंगी।
