रायपुर डेस्क: छत्तीसगढ़ में बीपीएल और एपीएल राशन कार्डधारियों को जनवरी से सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की तैयारी है। कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने बताया कि पहले राशन के चावल में 25 से 30 प्रतिशत तक टूटे हुए दाने होते थे, लेकिन केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब प्रदेश में भी हितग्राहियों को बिना टूट वाला सुपर फाइन चावल देने की व्यवस्था की जा रही है।
इसके साथ ही प्रदेश में धान खरीदी की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सरकार 15 नवंबर से किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी। प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। मंत्री ने धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और दूसरी फसल अपनाने वाले किसानों को अधिक प्रोत्साहन राशि देने की भी जानकारी दी।
जनवरी से BPL और APL कार्डधारियों को मिलेगा सुपर फाइन चावल
कृषि मंत्री राम विचार नेताम के मुताबिक, जनवरी से प्रदेश के बीपीएल और एपीएल दोनों श्रेणियों के राशन कार्डधारियों को सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की योजना है। इसके तहत बिना टूट वाले चावल की आपूर्ति पर जोर दिया जाएगा।
मंत्री ने एकात्म परिसर में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान बताया कि पहले राशन के चावल में 25 से 30 प्रतिशत तक ब्रोकन यानी टूटे हुए दाने होते थे। केंद्र सरकार के फैसले के बाद प्रदेश में भी राशन वितरण के लिए सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
इस व्यवस्था का लाभ दोनों श्रेणियों के राशन कार्डधारियों को देने की योजना है।
15 नवंबर से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी
प्रदेश में खरीफ विपणन सीजन के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी। इसके तहत प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी।
धान खरीदी के दौरान किसानों को टोकन लेने में परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्था बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। सरकार ने विभिन्न जिलों में 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की जानकारी दी है।
नए केंद्र खुलने से किसानों को धान बेचने के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इन केंद्रों पर कर्मचारियों और मजदूरों की जरूरत से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
दूसरी फसल लेने वाले किसानों को अब ₹15 हजार प्रोत्साहन
सरकार धान के बजाय दूसरी फसल उगाने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रति एकड़ दी जाने वाली राशि को 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की योजना है।
इसका उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करना और तिलहन सहित दूसरी फसलों का उत्पादन बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि किसान धान के साथ अन्य फसलों की खेती की संभावनाओं पर भी ध्यान दें।
हालांकि, प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी से संबंधित घोषणा के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
एग्रीटेक आईडी से होगी किसानों और जमीन की पहचान
धान खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए एग्रीटेक आईडी के आधार पर किसानों की पहचान और उनकी जमीन का सत्यापन किया जा रहा है। मंत्री के मुताबिक, बाहरी धान की आवक रोकने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था भी अपनाई जा रही है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और पात्र किसानों की पहचान सुनिश्चित करना है। नए उपार्जन केंद्रों पर कर्मचारियों और मजदूरों की भर्ती से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।

कृषक उन्नति योजना के तहत सहायता राशि का भी जिक्र
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को दी गई आर्थिक सहायता की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों को 35,589 करोड़ रुपये की आदान सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा, 11,281 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जाने की जानकारी दी गई।
सरकार की ओर से धान खरीदी, फसल विविधीकरण और किसानों को आर्थिक सहायता देने से जुड़े प्रयासों को कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
21 क्विंटल से कम उत्पादन होने पर बोनस को लेकर फैसला नहीं
प्रति एकड़ 21 क्विंटल से कम धान उत्पादन होने की स्थिति में भी 21 क्विंटल तक की मात्रा के आधार पर बोनस या अंतर की राशि देने के सवाल पर कृषि मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की।
राम विचार नेताम ने कहा कि धान खरीदी पुरानी नीति के तहत ही होगी और नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम उत्पादन होने या प्रति एकड़ 21 क्विंटल से कम धान बेचने पर भी 21 क्विंटल के आधार पर बोनस देने का कोई निर्णय अभी नहीं लिया गया है।
मंत्री के मुताबिक, इस विषय पर सरकार विचार कर रही है और मामला फिलहाल प्रक्रियाधीन है। ऐसे में किसानों को इस संबंध में अंतिम निर्णय का इंतजार करना होगा।
धान खरीदी और राशन वितरण में क्या होंगे प्रमुख बदलाव?
प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने, 360 नए उपार्जन केंद्र खोलने और जनवरी से सुपर फाइन चावल उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही दूसरी फसल अपनाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की योजना भी सामने आई है।
हालांकि, 21 क्विंटल से कम उत्पादन होने पर भी पूरी निर्धारित मात्रा के आधार पर बोनस देने का फैसला अभी नहीं हुआ है। सरकार के अगले निर्णयों से धान खरीदी और किसानों को मिलने वाले लाभों की स्थिति और स्पष्ट होगी।
