छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। चक्रवात अर्नब के असर से आसमान में बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाओं के साथ बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। बारिश के कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। इस बीच, तेज हवाओं और खेतों में पानी भरने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
किसान नेता पारसनाथ साहू ने आरंग के ग्राम भिलाई का वीडियो जारी कर फसल को हुए नुकसान की जानकारी दी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराने और नुकसान के आधार पर मुआवजा देने की मांग की है।
आरंग के भिलाई गांव में खेतों में भरा पानी, धान की फसल गिरी
किसान नेता पारसनाथ साहू के मुताबिक, आरंग के ग्राम भिलाई में बारिश के कारण खेतों में करीब 9 इंच से एक फीट तक पानी भर गया है। धान की फसल पूरी तरह पकने से पहले ही तेज हवाओं और बारिश के कारण जमीन पर गिर गई।
खेतों में पानी भरने और फसल के गिरने से धान के दाने खराब होने के साथ फसल के सड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की चिंता बढ़ गई है।
इस समय प्रदेश के कई इलाकों में धान की फसल तैयार है। कुछ किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, जबकि कुछ की कटी हुई फसल खेतों में रखी हुई है। लगातार बारिश के कारण खड़ी फसल के साथ कटकर रखी गई धान की फसल भी प्रभावित हो रही है।
दीपक बैज ने की प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग
PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि चक्रवात के असर से छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो रही है। इस समय किसानों की धान की फसल खेतों में तैयार है और कई किसान कटाई में जुटे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भर रहा है। तेज हवाओं के कारण खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर रही है, जबकि कटाई के बाद खेतों में रखी फसल भी भीग रही है। इससे फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
दीपक बैज ने सरकार से मांग की है कि बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का तत्काल सर्वे कराया जाए। नुकसान का आकलन करने के बाद किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि करीब एक महीने पहले बाढ़ के कारण बस्तर समेत कई क्षेत्रों में लाखों हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई थी। उनके मुताबिक, उस नुकसान का सर्वे भी अब तक नहीं हुआ है। अब दोबारा बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में सरकार को प्रभावित किसानों को जल्द राहत देनी चाहिए।
रायपुर में दिन का तापमान सामान्य से कम
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री रहने का अनुमान है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण दिन में भी मौसम ठंडा बना हुआ है।
इससे पहले बुधवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री दर्ज किया गया था, जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम था। बुधवार शाम तक 8.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजधानी के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लोगों को दिन के समय भी अपेक्षाकृत ठंडे मौसम का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश से बाजारों में आवाजाही प्रभावित
गुरुवार सुबह से जारी बारिश का असर रायपुर के बाजारों और सामान्य जनजीवन पर भी पड़ा है। बारिश के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में खरीदारी के लिए आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने दिनभर बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई है।
बिजली फीडरों में आई दिक्कत, विभाग ने बहाल की आपूर्ति
तेज हवाओं और बारिश के बीच राजधानी के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बुधवार रात डीडी नगर, बोरियाकला, कोटा, रामनगर, खमतराई, शैलेंद्र नगर, टैगोर नगर, पंडरी, गुढ़ियारी, मोवा और सड्डू समेत कई क्षेत्रों से बिजली बंद होने की शिकायतें मिलीं।
कुछ स्थानों पर इंसुलेटर में खराबी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर एम. विश्वकर्मा ने बताया कि रायपुर शहर में कुल 316 बिजली फीडर हैं। इनमें 10 से अधिक फीडरों में समस्या आई थी।
उन्होंने बताया कि संबंधित फीडरों की खराबी दूर कर दी गई है। जिन इलाकों से बिजली बंद होने की शिकायत मिली, वहां टीम भेजकर सुधार कार्य कराया गया। सुबह से ही कर्मचारी बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे और बारिश के दौरान मिली शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई।
रायपुर में दिनभर बारिश के आसार
मौसम विभाग ने रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।
विभाग ने बिजली चमकने और गरज के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार बारिश के बीच किसानों की तैयार धान की फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रभावित किसानों के लिए फसल सर्वे और मुआवजे की मांग उठाई गई है। अब इस मामले में राज्य सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
