रायपुर, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में जल्द ही राज्य का पहला मातृ दूध कोष (मदर मिल्क बैंक) स्थापित किया जाएगा। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर 6 अगस्त को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इसकी घोषणा की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उन नवजात और शिशुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण मातृ दुग्ध उपलब्ध कराना है, जिन्हें किसी कारण से अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता।
स्वास्थ्य मंत्री करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (SHSRC) के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और आयुक्त-सह-संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
10 माताओं को मिलेगा ‘माता यशोदा सम्मान’
कार्यक्रम में प्रदेश की 10 प्रेरणादायी माताओं को ‘माता यशोदा सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। इन माताओं ने अपना मातृ दुग्ध दान कर या अन्य शिशुओं को स्तनपान कराकर मातृत्व और मानवता की मिसाल पेश की है।
इनके सहयोग से ऐसे शिशुओं को मातृ दुग्ध मिला, जिनकी माताओं में पर्याप्त दूध उपलब्ध नहीं था या जिनकी माता का निधन हो चुका था।
किन बच्चों के लिए मददगार होगा मदर मिल्क बैंक?
मदर मिल्क बैंक का उद्देश्य जरूरतमंद नवजात एवं शिशुओं के लिए मातृ दुग्ध की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे विशेष रूप से उन बच्चों को लाभ मिलेगा, जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध प्राप्त नहीं हो पाता।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, संपूर्ण और प्राकृतिक आहार है। यह शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
विश्व स्तनपान सप्ताह के माध्यम से विभाग स्तनपान को लेकर सकारात्मक व्यवहार, माताओं को आवश्यक सहयोग और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
