बीजापुर में IED ब्लास्ट: जंगल में विस्फोट की चपेट में आया ग्रामीण, पैर में गंभीर चोट

बीजापुर में IED ब्लास्ट: जंगल में विस्फोट की चपेट में आया ग्रामीण, पैर में गंभीर चोट

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक बार फिर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट की घटना सामने आई है। उसूर ब्लॉक के इलमिडी थाना क्षेत्र के घने जंगल में गुरुवार शाम एक ग्रामीण युवक आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आ गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई। घायल युवक को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।

जंगल में अचानक हुआ धमाका, घायल हुआ युवक

जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान राजू मोडियामी (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वह किसी काम से जंगल की ओर गया हुआ था। इसी दौरान जंगल में पहले से छिपाकर लगाए गए आईईडी पर उसका पैर पड़ गया और तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसके दाहिने पैर में गंभीर चोट आई।

घायल अवस्था में जंगल से बाहर निकला

विस्फोट के बाद घायल राजू मोडियामी ने हिम्मत नहीं हारी। दर्द और खून बहने के बावजूद वह किसी तरह लंगड़ाते हुए जंगल से बाहर निकलने में सफल रहा। बाहर मौजूद ग्रामीणों ने उसकी हालत देखकर तत्काल मदद की और उसे इलमिडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर

इलमिडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, पैर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज

घटना की सूचना मिलते ही इलमिडी थाना पुलिस, जिला पुलिस बल और सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई है कि जंगल में और भी आईईडी छिपाकर लगाए गए हो सकते हैं। इसे देखते हुए पूरे इलाके में सघन सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ते (BDS) और अन्य विशेषज्ञ टीमें भी क्षेत्र की जांच कर रही हैं।

नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार बना हुआ खतरा

बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे दक्षिण बस्तर के कई इलाके लंबे समय से नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। सुरक्षा बलों की आवाजाही रोकने और नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नक्सली अक्सर जंगलों और कच्चे रास्तों में आईईडी बिछा देते हैं। कई बार इन विस्फोटकों की चपेट में निर्दोष ग्रामीण भी आ जाते हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल या सुनसान इलाकों में जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, तार, गड्ढा या विस्फोटक जैसी सामग्री दिखाई दे तो उसे छूने के बजाय तुरंत पुलिस या सुरक्षा बलों को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सतर्कता से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और जान-माल की हानि से बचा जा सकता है।

सुरक्षा बलों का अभियान रहेगा जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नक्सलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घटना के बाद आसपास के जंगलों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और संभावित खतरे वाले स्थानों की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

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