भारत ने मंगलवार को जापान के खिलाफ अपने पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले में 2 रन से जीत दर्ज की। बारिश से प्रभावित यह मुकाबला पांच-पांच ओवर का कर दिया गया था। भारत की जीत के बावजूद आखिरी ओवर में बदले गए एक वाइड फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
आखिरी ओवर में बदला गया वाइड का फैसला
जापान को जीत के लिए आखिरी ओवर में 8 रन चाहिए थे। अक्षर पटेल गेंदबाजी कर रहे थे और सामने अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर थे। एक गेंद पर मैदानी अंपायर क्रिस थर्गेट ने गेंद को वाइड करार दिया।
फैसले के बाद अक्षर पटेल ने नाराजगी जताई। इसके बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर अंपायरों से बातचीत करते नजर आए। दोनों अंपायरों के बीच चर्चा हुई और कुछ देर बाद वाइड का फैसला बदल दिया गया। गेंद को वैध डिलीवरी माना गया।
DRS और थर्ड अंपायर की सुविधा नहीं थी
इस मुकाबले में DRS और थर्ड अंपायर की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मैदान पर मौजूद अंपायरों की आपसी चर्चा के बाद फैसला बदला गया।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि क्या किसी खिलाड़ी या कप्तान की बातचीत के बाद ऑन-फील्ड फैसला बदला जाना उचित था। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में अय्यर पर अंपायर पर दबाव डालने के आरोप भी लगाए गए।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अंतिम फैसला अंपायरों की आपसी चर्चा के बाद बदला गया था। इसलिए इसे सीधे तौर पर यह कहना कि फैसला केवल खिलाड़ी के दबाव में बदला गया, उपलब्ध तथ्यों से स्थापित नहीं होता।
भारत ने 2 रन से दर्ज की जीत
बारिश के कारण पांच ओवर के किए गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 32 रन बनाए। जवाब में जापान की टीम 30 रन तक पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 2 रन से जीत लिया।
इस मैच के साथ भारत और जापान के बीच पुरुषों का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबला भी दर्ज हुआ। मैच का नतीजा भारत के पक्ष में रहा, लेकिन आखिरी ओवर का बदला हुआ वाइड फैसला और उस दौरान अंपायरों से हुई बातचीत अब क्रिकेट चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।
