पत्थलगांव में मिला आरक्षक का शव
जानकारी के अनुसार, नरहरि पटेल का शव पत्थलगांव क्षेत्र में एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी। पुलिस घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटा रही है।
कोरबा से पत्थलगांव पहुंचने की वजह की भी जांच
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नरहरि पटेल कोरबा से पत्थलगांव कब पहुंचे थे और वहां जाने की वजह क्या थी। उनकी मौत के पीछे की परिस्थितियों को समझने के लिए संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच करने की बात कही है।
वर्ष 2013 में पुलिस विभाग में हुए थे भर्ती
जानकारी के मुताबिक, 38 वर्षीय नरहरि पटेल वर्ष 2013 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती कोरबा के सिविल लाइन रामपुर क्षेत्र में बताई गई है। वह 27 सितंबर 2023 से वहां पदस्थ थे और एसपी कार्यालय की स्टेनो शाखा में काम कर रहे थे।
नरहरि पटेल कोरबा के मानिकपुर क्षेत्र की दादर बस्ती में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और एक छोटी बेटी है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
पत्थलगांव पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों के घटनास्थल पर पहुंचने और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने तक मौत की वजह को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
संपादकीय नोट: मौत का कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है, इसलिए खबर में आत्महत्या को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित जानकारी अपडेट करें।
