रायपुर-दुर्ग-भिलाई को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित कुम्हारी-खारुन नदी पुल की सड़क की हालत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। करीब 16 करोड़ रुपये खर्च कर मरम्मत कराने और 10 दिन तक पुल पर यातायात बंद रखने के बाद भी सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और गड्ढे बनने की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर सरिये बाहर निकलने की बात भी कही जा रही है। इससे पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 25 और 26 सितंबर को हुई बारिश के बाद पुल की सड़क पर गड्ढे नजर आने लगे। इन्हें भरने के लिए बजरी डाली गई, लेकिन वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच यह अस्थायी मरम्मत भी टिक नहीं सकी। अब मरम्मत की गुणवत्ता और सड़क के टिकाऊपन पर सवाल उठ रहे हैं।
बजरी डालकर गड्ढे भरने का उपाय भी नहीं आया काम
बारिश के बाद पुल की सड़क की ऊपरी परत कई जगह से उखड़ गई और गड्ढों में पानी भरने लगा। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतों के बाद गड्ढों में बजरी डालकर उन्हें भरने की कोशिश की गई, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण बजरी फिर निकल गई और गड्ढे दोबारा दिखाई देने लगे।
सड़क के कुछ हिस्सों में सरिये बाहर आने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ऐसी स्थिति में दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और टायर क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ सकता है। अचानक गड्ढा सामने आने पर चालक को ब्रेक लगाना या वाहन की दिशा बदलनी पड़ सकती है, जिससे पीछे से आ रहे वाहनों के साथ टक्कर की आशंका रहती है।
16 करोड़ रुपये की लागत से हुई थी मरम्मत
खारुन नदी पर बना यह पुल 35 साल से अधिक पुराना बताया जा रहा है। पुल में बेयरिंग और स्लैब से जुड़ी समस्याओं के साथ भारी वाहनों के गुजरने पर कंपन की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत कराई गई।
जानकारी के अनुसार, 5 से 15 अप्रैल तक पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखकर मरम्मत का काम किया गया था। इसके बाद वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हुई। हालांकि, कुछ ही महीनों बाद सड़क की स्थिति खराब होने की शिकायतों ने मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रोजाना डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही
कुम्हारी-खारुन नदी पुल रायपुर और दुर्ग-भिलाई के बीच यातायात का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पुल से रोजाना करीब डेढ़ लाख छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर गड्ढे और सरिये बाहर निकलने की स्थिति वाहन चालकों के लिए गंभीर परेशानी बन सकती है।
गड्ढों से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। व्यस्त मार्ग होने के कारण सड़क की समय पर मरम्मत और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
टोल वसूली जारी, रखरखाव को लेकर सवाल
कुम्हारी टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से नियमित रूप से टोल वसूला जा रहा है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति को लेकर चालकों के बीच नाराजगी बताई जा रही है। उनका सवाल है कि टोल देने के बावजूद पुल पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रहा है।
वहीं, टोल कर्मचारियों के हवाले से बताया गया है कि उनका काम टोल वसूली तक सीमित है, जबकि पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी दूसरे ठेकेदार के पास है।
मरम्मत की गुणवत्ता और जवाबदेही पर उठे सवाल
कुम्हारी-खारुन नदी पुल की सड़क दोबारा खराब होने की शिकायतों के बाद मरम्मत कार्य की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री और रखरखाव की व्यवस्था की जांच अहम हो गई है। जरूरत इस बात की है कि संबंधित एजेंसी सड़क की स्थिति का निरीक्षण करे और समस्या की वजह का पता लगाकर स्थायी समाधान निकाले।
फिलहाल, सड़क की मौजूदा स्थिति और मरम्मत के लिए जिम्मेदार एजेंसी की ओर से किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित विभाग के बयान के बाद ही निकाला जा सकता है।
