कॉलेज जाने के बाद अचानक बंद हुआ मोबाइल
जानकारी के मुताबिक, मऊगंज जिले के दुबगवा गांव की रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा बीएससी द्वितीय वर्ष में पढ़ाई करती है। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी।
शाम करीब 4 बजे उसने अपनी मां से फोन पर बात की थी। इस दौरान छात्रा ने बताया कि वह खटखरी पहुंच चुकी है और ऑटो से घर लौट रही है। इसके बाद अचानक उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।
रात करीब 8 बजे तक जब छात्रा घर नहीं पहुंची और उससे संपर्क भी नहीं हो पाया, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार के लोगों ने खटखरी पहुंचकर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
पुलिस पर थाने के चक्कर लगवाने का आरोप
छात्रा के पिता सुग्रीम पटेल का आरोप है कि वह गुरुवार रात करीब 9 बजे शिकायत लेकर हनुमना थाना पहुंचे थे। लेकिन वहां पुलिस ने सीमा विवाद का हवाला देते हुए उन्हें खटखरी चौकी, मऊगंज थाना और शाहपुर थाने जाने को कहा।
परिजनों का कहना है कि कई जगह भटकने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामले में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस की कथित लापरवाही और छात्रा का पता नहीं चलने से परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
रीवा-बनारस हाईवे पर तीन घंटे तक चक्काजाम
शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे परिजन और ग्रामीण बढ़ैया के पास रीवा-बनारस राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बाधित हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तहसीलदार शिवम गौतम ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया। उन्होंने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति परिजनों को दे दी गई है।
साइबर सेल की मदद से छात्रा की तलाश जारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम के अनुसार, परिजनों की मांग पर गुरुवार रात ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया था।
पुलिस ने छात्रा की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। साइबर सेल की मदद से उसकी कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों ने परिजनों को छात्रा की जल्द तलाश करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब तीन घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त हुआ। फिलहाल छात्रा का पता लगाने के लिए पुलिस की जांच और तलाश अभियान जारी है।
