ग्राहक बनकर मकान पहुंचे पुलिसकर्मी
पिछले एक पखवाड़े के दौरान ऐसे दो वीडियो सामने आए थे, जिनमें मेडिकल स्टोर से कथित तौर पर अवैध तरीके से टर्मिन इंजेक्शन बेचे जाने की बात सामने आई थी। स्वास्थ्य विभाग इस मामले में दो मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई भी कर चुका है।
इसी बीच शनिवार शाम एक मुखबिर ने पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना को सूचना दी कि पुरानी हाउसिंग बोर्ड इलाके में स्थित एक मकान से नशे के इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं। सूचना के अनुसार, वहां बड़ी मात्रा में इंजेक्शनों की खेप भी पहुंची थी।
सूचना की पुष्टि के लिए एसपी ने पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनाकर भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया ने एसआई अरुण कुशवाह और एसआई पवन भदौरिया को सादे कपड़ों में मकान पर भेजा। यह मकान ईशान वर्मा ने किराए पर ले रखा था। पुलिसकर्मियों के ग्राहक बनकर पहुंचने पर ईशान ने उन्हें इंजेक्शन बेच दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने मकान पर दबिश दी।

106 पैकेट और तीन कार्टन में मिले इंजेक्शन
पुलिस को मकान के अंदर एक कमरे से 106 पैकेट, तीन कार्टन और एक बोरे में रखे कुल 2,856 इंजेक्शन मिले। इनमें टर्मिन और उससे मिलते-जुलते इंजेक्शन शामिल थे।
मौके से पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा। इनमें विक्रम नगर निवासी 30 वर्षीय ईशान वर्मा, राठौर कॉलोनी स्थित बालाजी पैलेस के पास रहने वाला 35 वर्षीय मयंक गुप्ता और फाटक बाहर बालाजी अपार्टमेंट निवासी 51 वर्षीय अनिल उर्फ बाबी गुप्ता शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी इंजेक्शनों का अवैध कारोबार कर रहे थे। उनके पास मेडिकल या दवाओं के भंडारण से संबंधित कोई लाइसेंस नहीं था। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी) और 27(बी)(ii) के तहत मामला दर्ज किया है।
अलग-अलग कंपनियों के 2,856 इंजेक्शन जब्त
पुलिस की कार्रवाई में जब्त इंजेक्शनों का विवरण इस प्रकार है:
-
मेफिन टर्माइन सल्फेट इंजेक्शन के 106 पैकेट, जिनमें 1,060 इंजेक्शन थे।
-
टर्मिन कंपनी के एक कार्टन में 47 पैकेट, जिनमें 470 इंजेक्शन मिले।
-
एक प्लास्टिक के बोरे से टर्मिन के 336 इंजेक्शन बरामद हुए।
-
मैको कंपनी के एक कार्टन से 330 इंजेक्शन मिले।
-
मेप्रो कंपनी के एक कार्टन से 560 इंजेक्शन जब्त किए गए।

आगरा से होती थी इंजेक्शनों की सप्लाई
पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए 2,856 इंजेक्शनों की बाजार कीमत करीब 4.50 लाख रुपये है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें इंजेक्शनों की सप्लाई आगरा से होती थी। आगरा के रामबाग क्षेत्र में रहने वाला हामिद खान उनसे पैसे लेकर मांग के अनुसार इंजेक्शनों की खेप भेजता था। पुलिस अब हामिद की तलाश में जुटी है।
नशे के लिए इस्तेमाल हो रहे इंजेक्शन, पहले भी सामने आ चुके मामले
टर्मिन इंजेक्शन का उपयोग चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया जाता है। यह उन मरीजों को दिया जाता है, जिनका ब्लड प्रेशर बेहद कम हो जाता है। ऑपरेशन के दौरान मरीज का रक्तचाप अचानक गिरने पर भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, मुरैना और आसपास के इलाकों में इन इंजेक्शनों का नशे के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। खबर के मुताबिक, करीब दो महीने पहले पोरसा में एक युवक ने इस नशे की लत के चलते खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
इसके अलावा, पुलिस रिकॉर्ड में फरार चल रहे 60 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर के भी टर्मिन इंजेक्शन के नशे का आदी होने की बात बताई गई है। मुरैना के साथ अंबाह, पोरसा, कैलारस और जौरा जैसे क्षेत्रों में भी इन इंजेक्शनों के नशे के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
