सावधानी से स्वास्थ्य – भाग (२)🔹*
*🔹किसी को वायु और गैस की तकलीफ ज्यादा हो तो उसे आलु, चावल और चने की दाल आदि का परहेज रखना चाहिए । ये वायु करते हैं । वायु का रोगी दूध पिये तो एक-दो काली मिर्च डालकर पियें ।*
*🔹सामान्य रूप से भी चावल, आलू आदि ज्यादा न खाएं नहीं तो आगे जाकर बुढ़ापे में जोड़ों का दर्द पकड़ लेगा । जो बीमारी होने वाली है, उससे बचने के लिए पहले से ही सावधान रहें ।*
*🔹चाय-कॉफी, कोल्डड्रिंक्स आदि नशीली वस्तुओं से बचना चाहिए । आहार ऐसा हो कि आपका शरीर तंदुरुस्त रहे । विचार ऐसे करो कि मन पवित्र रहे ।*
*🔹एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा संतकृपा चूर्ण एवं शहद डाल दें । मुँह में अदरक का टुकड़ा चबाएं, ऊपर से यह शहदवाला पानी पी जायें और थोड़ा घूमें । इससे शरीर का वजन नियंत्रित हो जायेगा ।*
*🔹जिनकी उम्र 40 साल से ज्यादा है उनकी रोग प्रतिकारक शक्ति बनी रहे इसके लिए ‘रसायन चूर्ण’ का सेवन करना चाहिए । आँवला, गोखरू एवं दूसरी तीन-चार चीजें मिलाकर रसायन चूर्ण बनता है ।
