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नहीं होगी पैसों की कमी, SBI के बाद इन बैंकों ने सस्ता किया लोन

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया ने भी ग्राहकों को राहत दी है। बैंक ऑफ इंडिया ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देने का फैसला किया है।

एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स में कमी
बैंक ऑफ इंडिया ने रविवार को एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स में 75 आधार अंक यानी 0.75 फीसदी की कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट घटकर 7.25 फीसदी हो गई है। बैंक द्वारा ब्याज दरों में यह कटौती एक अप्रैल से प्रभावी होगी।

MCLR में भी हुई कटौती
इसके अतिरिक्त बैंक ने मार्जनिल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) में भी कटौती की है। यह 0.25 फीसदी कम हो गई है। यह कटौती सभी अवधि के लिए की गई है। एक महीने से एक साल तक की अवधि के लिए 0.25 फीसदी की कटौती की गई, जबकि रातभर की अवधि के लिए 0.15 फीसदी। एक साल के लिए बैंक का एमसीएलआर अब 7.95 फीसदी सालाना हो गया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी दिया लाभ
बैंक ऑफ बड़ौदा ने खुदरा, निजी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योग ऋण के लिए ब्याज दर में 0.75 फीसदी की कटौती की है। इसके बाद यह ऋण ब्याज दर 7.25 फीसदी तक आ गई है, जो 28 मार्च से मान्य हैं। बैंक ने एक बयान में कहा कि उसने अपनी रेपो दर से जुड़ी ऋण ब्याज दर (आरएलएलआर) को 0.75 फीसदी घटा दिया है। बैंक ने कहा कि सभी तरह के खुदरा और निजी ऋणों पर 28 मार्च 2020 से 7.25 फीसदी का ब्याज दर लिया जाएगा।

रेपो रेट में 15 साल में सबसे बड़ी कटौती
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को घोषित 7वीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रेपो में 0.75 फीसदी की कटौती कर दी थी। यह पिछले 15 साल में सबसे बड़ी कटौती बताई जा रही है। इसे 5.15 फीसदी से घटाकर 4.40 फीसदी कर दिया गया है। वहीं केन्द्रीय बैंक ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन (बंद) को देखते हुए लोगों की आय और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए कर्ज की किस्त के भुगतान पर भी तीन माह तक रोक लगाने की बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अनुमति दी है।

एसबीआई ने ग्राहकों को दिया रेपो दर में कटौती का पूरा लाभ
आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद सबसे पहले एसबीआई एक वक्तव्य में कहा है कि उसकी नई घटी दर बाहरी मानक दर से जुड़ी कर्ज दर (ईबीआर) और रेपो दर से जुड़ी कर्ज दर (आरएलएलआर) के तहत कर्ज लेने वाले ग्राहकों पर लागू होगी। नई ब्याज दर एक अप्रैल 2020 से प्रभावी होगी। एसबीआई ने बाहरी मानक दर से जुड़ी कर्ज दर को 7.80 फीसदी से घटाकर 7.05 फीसदी वार्षिक कर दिया, जबकि आरएलएलआर को 7.40 फीसदी से घटाकर 6.65 फीसदी किया

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