शरीर को फिट रखने, मांसपेशियां मजबूत बनाने और वजन घटाने के लिए इन दिनों प्रोटीन युक्त खानपान पर खास ध्यान दिया जा रहा है। लोग अपनी डाइट में अंडे, पनीर, दाल, सोयाबीन और दूध जैसी चीजें शामिल कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग प्रोटीन पाउडर और अन्य सप्लीमेंट का भी इस्तेमाल करते हैं। प्रोटीन शरीर के विकास और मांसपेशियों की मरम्मत के लिए जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन जरूरत से ज्यादा इसका सेवन पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। खासकर तब, जब भोजन में फाइबर और पानी की पर्याप्त मात्रा न हो।
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि अधिक प्रोटीन लेने से पेट से जुड़ी कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं और इनसे बचने के लिए खानपान में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
ज्यादा प्रोटीन खाने से क्यों बिगड़ सकता है पाचन?
प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। यह उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करती है। जब कोई व्यक्ति अपनी जरूरत से अधिक प्रोटीन लेने लगता है और भोजन से फल, सब्जियां, साबुत अनाज तथा फाइबर युक्त चीजें कम कर देता है, तो पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
फाइबर की कमी और पर्याप्त पानी नहीं पीने से कब्ज की शिकायत हो सकती है। कुछ लोगों को गैस, पेट फूलने और भारीपन का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि, इन समस्याओं की वजह सिर्फ प्रोटीन की मात्रा नहीं होती। प्रोटीन का स्रोत, उसे खाने का तरीका और व्यक्ति की दिनचर्या भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
ज्यादा प्रोटीन लेने पर हो सकती हैं ये 4 पाचन समस्याएं
1. कब्ज की शिकायत
प्रोटीन से भरपूर कई खाद्य पदार्थों में फाइबर की मात्रा कम होती है। अगर प्रोटीन बढ़ाने के चक्कर में डाइट से फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज कम कर दिए जाएं, तो मल त्याग में परेशानी हो सकती है। पर्याप्त पानी नहीं पीने से कब्ज की समस्या और बढ़ सकती है।
2. गैस और पेट फूलना
दूध और दूध से बने कुछ प्रोटीन उत्पाद हर व्यक्ति को आसानी से नहीं पचते। खासकर लैक्टोज इनटॉलरेंस से परेशान लोगों को दूध आधारित प्रोटीन पेय लेने के बाद गैस, पेट फूलना, पेट दर्द या दस्त की शिकायत हो सकती है।
3. पेट में भारीपन और अपच
एक ही बार में बहुत अधिक मात्रा में भोजन या प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को इसके कारण असहजता और अपच की समस्या भी हो सकती है।
4. दस्त और पेट में ऐंठन
कुछ प्रोटीन पाउडर में मौजूद लैक्टोज, मिठास बढ़ाने वाले पदार्थ और अन्य मिलाए गए तत्व संवेदनशील लोगों में दस्त या पेट में ऐंठन की वजह बन सकते हैं। इसलिए किसी सप्लीमेंट के सेवन के बाद बार-बार परेशानी होने पर उसके घटकों की जांच करना जरूरी है।
एक दिन में कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए?
स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रोटीन की सामान्य जरूरत लगभग 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के हिसाब से मानी जाती है। उदाहरण के तौर पर, 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को सामान्य परिस्थितियों में रोजाना करीब 48 ग्राम प्रोटीन की जरूरत हो सकती है।
हालांकि, यह मात्रा सभी के लिए समान नहीं होती। नियमित व्यायाम करने वाले लोगों, खिलाड़ियों, बुजुर्गों और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों की प्रोटीन संबंधी जरूरत अलग हो सकती है।
सिर्फ मांसपेशियां बनाने या वजन घटाने के लिए बिना सलाह के प्रोटीन पाउडर की मात्रा बढ़ाना उचित नहीं है। किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
पाचन को बेहतर रखने के लिए अपनाएं ये तरीके
प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए केवल सप्लीमेंट पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित भोजन को प्राथमिकता दें। इसके लिए दाल, चना, राजमा, दूध, दही, पनीर और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।
इसके साथ ही फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज खाने से शरीर को पर्याप्त फाइबर मिलता है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और प्रोटीन की मात्रा को एक ही बार में लेने के बजाय दिन के अलग-अलग भोजन में बांटें।
अगर किसी खास प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ या सप्लीमेंट के सेवन के बाद बार-बार पेट दर्द, गैस या दस्त की शिकायत होती है, तो उसके सेवन पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। लगातार कब्ज, मल में खून, तेज पेट दर्द या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
