UN Vs US: एंटोनियो ने कहा- COVID-19 से निपटने के लिए WHO के संसाधनों को कम करने का वक्त नहीं

संयुक्त राष्ट्र, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में विश्व स्वास्थ्य संगठन या किसी अन्य मानवीय संगठन के संचालन के लिए संसाधनों को कम करने का वक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मेरा विश्वास है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का समर्थन किया जाना चाहिए, क्योंकि यह COVID-19 के खिलाफ युद्ध जीतने के लिए दुनिया के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी यह टिप्पणी अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस ऐलान के बाद आई है कि वह विश्व स्वास्थ्य संगठन की दी जाने वाली फंडिंग को रोक रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच संयुक्त राष्ट्र और अमेरिाक आमने-सामने हैं। आइए हम आपको बताते हैं इस फसाद की जड़ क्या है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका पर उठे सवाल
हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि दुनिया में कोरोना महामारी का प्रकोप इस संगठन की लापरवाही के कारण हुई है। इस क्रम में उन्होंने संगठन पर चीन के साथ सांठगांठ का भी आरोप लगाया था। ट्रंप ने कहा था कि संगठन को कोरोना के खतरों के बारे में काफी समय पहले से पता था, लेकिन उसने देरी से कदम उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन को उसके द्वार कदम उठाए जाने से महीनों पहले वायरस के बारे में जानकारी थी। बता दें कि इस महामारी को लेकर चीन के साथ-साथ डब्ल्यूएचओ की दुनियाभर में आलोचना हो रही है। कथित तौर पर दोनों पर आरोप लगाया जा रहा है कि वायरस को इन्होंने गंभीरता से नहीं लिया, जिससे यह पूरे विश्व में फैल गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को अमेरिका से मिलने वाले फंड पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपने प्रशासन को विश्व स्वास्थ्य संगठन की फंडिंग को रोकने का निर्देश दिए हैं। साथ उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के चीन में उभरने के बाद इसके प्रसार को छिपाने और गंभीर कुप्रबंधन में संगठन की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि आज मैं अपने प्रशासन को WHO की फंडिंग को रोकने का निर्देश दे रहा हूं। हम वैश्विक स्वास्थ्य को लेकर सीधे दूसरों के साथ काम करेंगे। हम जो भी सहायता भेजते हैं, उस पर कठोरता से चर्चा होगी।
कोरोना महामार से अमेरिका में बिगड़े हालात
अमेरिका में कोरोना वायरस के 600,000 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो गई है और अब-तक 25, 000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। डब्लूएचओ के अनुसार 213 देश कोरोना के चपेट में हैं और 18 लाख से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो गई है। इससे मरने वालों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई है। कोरोना वायरस का पहला मामला दिसंबर में चीन में सामने आया था। कोरोना से सबसे ज्यादा यूरोप प्रभावित रहा है। यहां 9 लाख से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो गई है।
