निकिता ने अपनी सेविंग्स से 20 ग्राम सोने का हार बनवाया। उसने ये सोचकर सोने में निवेश किया था कि समय के साथ ये महंगा ही होगा। जरूरत पड़ने पर इसे बेच लेगी। लेकिन निकिता इस बात से अंजान है कि सोने के हार में उसे जीएसटी, मेकिंग चार्ज देना पड़ा था। साथ ही जब वो अपना हार बेचने जाएगी तो उसकी शुद्धता पर भी सवाल उठ सकते हैं। ऐसे में शायद ये हार पहले से कम दाम पर बिके।
निकिता जैसी कई महिलाएं सोने में निवेश के लिए ज्वेलरी का विकल्प चुनती हैं। लेकिन ये फायदे का सौदा नहीं है। सोने में निवेश के अन्य कई विकल्प हैं जहां आपको कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिल सकता है। हम यहां आपको सोना खरीदने के 4 तरीके बताने जा रहे हैं…
1. गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETF)
सोने को शेयरों की तरह खरीदने की सुविधा को गोल्ड ईटीएफ कहते हैं। यह म्यूचुअल फंड की स्कीम है। ये एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड हैं जिन्हें स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदा और बेचा जा सकता है। चूंकि गोल्ड ईटीएफ का बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड की कीमतें है, आप इसे सोने की वास्तविक कीमत के करीब खरीद सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ खरीदने के लिए आपके पास एक ट्रेडिंग डीमैट खाता होना चाहिए। इसमें सोने की खरीद यूनिट में की जाती है। इसे बेचने पर आपको सोना नहीं बल्कि उस समय के बाजार मूल्य के बराबर राशि मिलती है।
यह सोने में निवेश के सबसे सस्ते विकल्पों में से एक है। इन्हें शेयरों की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कैश मार्केट में खरीदा-बेचा जा सकता है। गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है। लेकिन गोल्ड ETF में कोई अपर लिमिट नहीं है। गोल्ड ETF में कोई लॉक इन पीरियड नहीं है।
2. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
सोने में निवेश के कई विकल्प हो सकते हैं। मसलन- गहने, सोने के सिक्के, गोल्ड बुलियंस वगैरह। लेकिन इन सबमें सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड। इस सरकारी स्कीम में निवेश से रिस्क बेहद कम हो जाता है और बेफिक्र होकर रिटर्न हासिल कर सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को रिजर्व बैंक जारी करता है इसलिए इसकी शुद्धता को लेकर कोई झंझट नहीं होता।
गोल्ड बॉन्ड पर आपको सालाना 2.50% ब्याज मिलता है। गोल्ड बॉन्ड के मैच्योर होने पर उस वक्त बाजार में सोने की जो कीमत होती है उस पर आप बेच सकते हैं। इसकी खासियत ये है कि फिजिकल सोने की तरह इसके स्टोरेज की चिंता नहीं करनी होती।
3. गोल्ड म्यूचुअल फंड
गोल्ड म्यूचुअल फंड गोल्ड ETF का ही एक प्रकार है। ये ऐसी योजनाएं हैं जो मुख्य रूप से गोल्ड ETF में निवेश करती हैं। गोल्ड म्यूचुअल फंड सीधे भौतिक सोने में निवेश नहीं करते हैं, लेकिन उसी स्थिति को अप्रत्यक्ष रूप से लेते हैं। गोल्ड म्यूचुअल फंड ओपन-एंडेड निवेश प्रोडक्ट है जो गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में निवेश करते हैं और उनका नेट एसेट वैल्यू (NAV) ETFs के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
आप मासिक SIP के माध्यम से 1,000 रुपए से कम के साथ गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं। इसके निवेश करने के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती है। आप किसी भी म्यूचुअल फंड हाउस के माध्यम से इसमें निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।
4. पेमेंट ऐप से भी खरीद सकते हैं गोल्ड
अब आप अपने स्मार्टफोन से ही डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए बहुत ज्यादा पैसा खर्च करने की भी जरूरत नहीं होती है। आप अपनी सुविधानुसार जितनी कीमत का चाहें सोना खरीद सकते हैं, यहां तक कि 1 रुपए का भी। यह सुविधा अमेजन-पे, गूगल पे, पेटीएम, फोनपे और मोबिक्विक जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
डिजिटल गोल्ड खरीदने के कई फायदे हैं। आप 1 रुपए से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। इसके जरिए आपको शुद्ध सोने में निवेश करते हैं। ज्वेलरी मेकिंग का खर्च नहीं आता है। इससे भी पैसों की बचत होती है। इसे फिजिकल गोल्ड की तरह सुरक्षित रखने के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है।
