देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज देश का आम बजट पेश करने वाली हैं। कोरोना की तीसरी लहर के बीच आ रहे इस बजट से इकॉनमी को भी बूस्टर डोज दिए जाने की उम्मीद की जा रही है। इस बजट में मध्य वर्ग को टैक्स में कितनी राहत मिलेगी और किसानों के लिए क्या सौगात रहेगी। इस पर सभी की नजरें होंगी। इसके अलावा महिलाओं और युवाओं के लिए भी बजट में क्या प्रावधान होंगे, यह भी अहम होगा।
आर्थिक सर्वे के अनुसार वित्तवर्ष 2022-23 में आर्थिक वृद्धि का 8.5 फीसदी का लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है जब कोई महामारी संबंधी आर्थिक व्यवधान नहीं आए। साथ ही कहा गया कि मानसून सामान्य रहेगा और कच्चे तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहेंगी। सरकार का मानना है कि तेज टीकाकरण, आपूर्ति व्यवस्था में सुधारों के साथ ही अर्थव्यवस्था भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए उम्मीद जताई गई है कि आर्थिक वृद्धि दर 9.2 रहेगी।
कोरोना के दौरान बड़ी संख्या में कंपनियों ने घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) को प्राथमिकता दी थी। इसके लिए कर्मचारियों ने घर पर ऑफिस बनाया था। कई कंपनियों ने ऑफिस से जुड़ा सामान जैसे कुर्सी, मेज, इंटरनेट, लैपटॉप-डेस्कटॉप खुद मुहैया कराया था, जबकि कुछ कंपनियों ने ऐसे सामान की खरीद पर री-इंबर्समेंट दिया था। जानकारों के अनुसार, रि-इंबर्समेंट पर अभी कोई टैक्स छूट नहीं है। ऐसे में वित्त मंत्री वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों को 50 हजार रुपए के डिडक्शन का विकल्प दे सकती हैं।
