लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने की आदत शरीर की सक्रियता को प्रभावित कर सकती है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने की आशंका बढ़ती है, ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
उम्र बढ़ने के साथ क्यों कमजोर होती हैं हड्डियां
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में कमी आ सकती है। इससे समय के साथ हड्डियों का घनत्व प्रभावित होने की आशंका रहती है। हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है।
खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। संतुलित आहार से शरीर को हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
लंबे समय तक बैठे रहने से क्या होता है
एक ही जगह लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की गतिविधि कम हो जाती है। इससे जोड़ों की गतिशीलता प्रभावित हो सकती है और मांसपेशियों की सक्रियता भी कम हो सकती है।
शरीर को सक्रिय रखने के लिए उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार वॉकिंग, ब्रिस्क वॉकिंग, साइकिलिंग और स्विमिंग जैसी गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
वजन नियंत्रित रखना भी जरूरी
अधिक वजन होने पर घुटनों और शरीर के अन्य वजन वहन करने वाले जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ वजन को नियंत्रित रखना भी हड्डियों और जोड़ों की सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है।
कम उम्र में भी सामने आ रही हैं समस्याएं
आजकल कम उम्र में भी हड्डियों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों में विटामिन-डी और विटामिन-बी12 की कमी भी पाई जाती है। जरूरत होने पर चिकित्सकीय सलाह से रक्त जांच कराई जा सकती है।
हालांकि, बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम या विटामिन-डी की गोलियां लेना उचित नहीं है। इनकी आवश्यकता व्यक्ति की उम्र, खानपान और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय की जानी चाहिए।
