इंदौर। करीब 66 करोड़ रुपये की बैंकिंग सुविधा से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Ruchi Global Limited के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने 21 आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ विशेष PMLA कोर्ट, इंदौर में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की है। कंपनी अब Agrotrade Enterprises Limited के नाम से जानी जाती है। कोर्ट ने आरोपियों को प्री-कॉग्निजेंस सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए हैं।
कृषि उत्पादों की खरीद के नाम पर ली गई थी LC सुविधा
ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि Ruchi Global ने संबंधित संस्थाओं के पक्ष में करीब 66 करोड़ रुपये की गैर-निधि आधारित क्रेडिट सुविधाएं, मुख्य रूप से Letter of Credit (LC), हासिल की थीं।
एजेंसी का आरोप है कि इन LCs को कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के नाम पर खोला गया, लेकिन इनके पीछे वास्तविक व्यापारिक गतिविधि नहीं थी। जांच में फर्जी बिल ऑफ एक्सचेंज और नकली लॉरी रसीदों समेत कथित रूप से तैयार किए गए दस्तावेजों के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
बैंक से निकली रकम खातों के जरिए वापस कंपनी तक पहुंची
ED के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर बिलों को बैंकों से डिस्काउंट कराया गया और इसके बाद रकम को कई संबंधित तथा लेयरिंग संस्थाओं के खातों से गुजारा गया।
जांच एजेंसी का दावा है कि रकम को इस तरह घुमाया गया कि एक से तीन दिन के भीतर पैसा फिर Ruchi Global से जुड़े बैंक खातों में पहुंच गया। ED इसी कथित लेनदेन श्रृंखला को मनी ट्रेल के अहम हिस्से के तौर पर देख रही है।
भुगतान नहीं हुआ तो बैंकों पर आया नुकसान
ED के मुताबिक, निर्धारित तारीखों पर Ruchi Global की ओर से भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद संबंधित LCs जारी करने वाले बैंकों पर देनदारी आ गई और कंसोर्टियम बैंकों को कथित वित्तीय नुकसान हुआ। इस मामले में Punjab National Bank, Bank of Baroda और Jammu & Kashmir Bank का कंसोर्टियम बताया गया है।
CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई ED जांच
ED ने यह जांच CBI, भोपाल की FIR के आधार पर शुरू की थी। ED के फरवरी 2026 के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, मूल CBI मामले में Ruchi Global के खिलाफ कंसोर्टियम बैंकों को 188.35 करोड़ रुपये से अधिक का कथित नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच की जा रही थी।
ED ने अपने उस मामले में कहा था कि क्रेडिट सुविधाएं और LCs कथित तौर पर फर्जी, तैयार और हेरफेर किए गए दस्तावेजों के आधार पर हासिल की गईं तथा रकम को संबंधित कंपनियों के जरिए डायवर्ट और लेयर किया गया।
दिसंबर 2025 में ED ने की थी तलाशी
मामले में ED ने 23 दिसंबर 2025 को तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी के मुताबिक, इस दौरान 23.50 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की गई और कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया।
इसके बाद ED ने 17 फरवरी 2026 को करीब 5.13 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की थी। ED के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार यह जमीन नीता शाहरा के नाम पर दर्ज थी।
अब 21 आरोपी और संस्थाएं कोर्ट की प्रक्रिया में
ताजा अभियोजन शिकायत के बाद 21 आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं को PMLA कोर्ट की प्रक्रिया का सामना करना होगा। अदालत ने प्री-कॉग्निजेंस सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए हैं। ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और एजेंसी पूरी मनी ट्रेल तथा कथित रूप से शामिल लोगों और संस्थाओं की भूमिका का पता लगा रही है।
जांच में सबसे अहम है पैसों की मनी ट्रेल
इस मामले में ED की जांच का प्रमुख पहलू यह है कि कृषि उत्पादों की खरीद के नाम पर दिखाई गई कारोबारी गतिविधियां वास्तविक थीं या नहीं और बैंकिंग सुविधा से प्राप्त रकम किन-किन खातों से होकर गुजरी।
फिलहाल ED के आरोप न्यायिक जांच के अधीन हैं। अभियोजन शिकायत दाखिल होना आरोपों की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की कार्यवाही में होगी।
