CBSE Paper Pattern: सीबीएसई ने कुछ समय पहले बोर्ड एग्जाम 2021 के लिए नया पेपर पैटर्न जारी किया है। जानें इसे लेकर एक्सपर्ट्स की क्या राय है?
कुछ दिन पहले सीबीएसई अधिकारियों के साथ स्कूल प्रिंसिपल्स का एक वेबिनार हुआ था, जिसमें एक्सपर्ट्स ने बदले हुए पेपर पैटर्न को लेकर अपनी शंकाएं जाहिर कीं। साथ ही वर्तमान समय में नये पैटर्न को लेकर आ सकने वाली दिक्कतें भी बताईं।
सीबीएसई बोर्ड एग्जाम 2021 के नये पेपर पैटर्न को कई स्कूल प्रिंसिपल्स ने स्टूडेंट्स के लिए टाइम कंज्यूमिंग बताया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस तरह के मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चंस (CBSE MCQs) शामिल किए गए हैं, वे ऐसे स्टूडेंट्स को कन्फ्यूज करेंगे जिनका कॉन्सेप्ट क्लीयर नहीं होगा। एमसीक्यू में सभी विकल्प काफी हद तक मिलते-जुलते दिए गए हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मैथ्स के एक-एक अंक के सवाल वैसे तो आसान हैं, लेकिन इन्हें सॉल्व करने में स्टूडेंट्स का ज्यादा समय जा सकता है। क्योंकि इन सवालों को हल करने की प्रक्रिया लंबी है। इससे कम अंकों के सवालों में ही ज्यादा समय जाएगा। फिर बाकी सवालों के लिए समय की कमी हो सकती है।
कैसे करें नये पैटर्न की तैयारी
स्कूल प्रिंसिपल्स का कहना है कि टीचर्स को स्टूडेंट्स को नये पेपर पैटर्न के लिए अच्छी तरह ट्रेन करना होगा। केस स्टडीज बेस्ड सवालों, एमसीक्यू, शॉर्ट ट्रिक्स की अच्छी तरह प्रैक्टिस करानी होगी। क्योंकि अभी क्लासेस ऑनलाइन चल रही हैं, इसलिए यह पता लगा पाना मुश्किल है कि स्टूडेंट्स नये पैटर्न को कितना समझ पा रहे हैं।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि नया पेपर पैटर्न बहुत मुश्किल नहीं है। बस इसके लिए ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस और कॉन्सेप्ट क्लीयर करने की जरूरत है। ताकि वे सवालों में ज्यादा समय न गंवाते हुए सही जवाब दे सकें।
