छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को कृषि विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से जिले को ‘Certificate of Excellence’ प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि को जिले में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दंतेवाड़ा के प्रशासन, कृषि विभाग और किसानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिले को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, कृषि विभाग और किसानों ने कृषि विकास, फसल विविधीकरण तथा आजीविका संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उनके मुताबिक, इन्हीं सामूहिक प्रयासों से जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का जोर कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर है।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में कृषि विकास पर जोर
दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिले में कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जा रहा है। जिले में फसल विविधीकरण, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस सम्मान को जिला प्रशासन, कृषि विभाग के अधिकारियों, मैदानी कर्मचारियों और किसानों के सामूहिक योगदान से जोड़कर देखा जा रहा है। जनजातीय बहुल दंतेवाड़ा में कृषि आधारित आजीविका का महत्व अधिक है, इसलिए खेती से जुड़े संसाधनों और सुविधाओं में सुधार ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
क्या है प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य देश के ऐसे 100 कृषि जिलों में खेती की स्थिति सुधारना है, जहां कृषि उत्पादकता, फसल सघनता और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण उपलब्धता जैसे संकेतकों में सुधार की जरूरत है।
योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:
- कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना।
- फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना।
- सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना।
- पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण क्षमता बढ़ाना।
- किसानों को आसान और सस्ता कृषि ऋण उपलब्ध कराने के प्रयास करना।
- कृषि संसाधनों और योजनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना।
इन प्रयासों के जरिए किसानों को खेती के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक बनाने पर जोर दिया जाता है।
दंतेवाड़ा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
दंतेवाड़ा जैसे जनजातीय बहुल जिले में कृषि और उससे जुड़ी आजीविका ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेती में सुधार, सिंचाई की बेहतर सुविधा, फसल विविधीकरण और कृषि संसाधनों तक पहुंच किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकती है।
जिले को मिला Certificate of Excellence कृषि क्षेत्र में किए गए प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। यह उपलब्धि प्रशासन और कृषि विभाग के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा किसानों तक सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास जारी रखने का अवसर भी है।
कृषि क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों को मिली पहचान
दंतेवाड़ा जिले को मिला यह सम्मान कृषि विभाग के अधिकारियों, मैदानी अमले, जिला प्रशासन और किसानों के सामूहिक प्रयासों को रेखांकित करता है। कृषि विकास को आगे बढ़ाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों की उपलब्धता और किसानों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
