पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की दो नावों पर हमले की खबर सामने आई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि इसमें कोस्ट गार्ड के 13 जवान मारे गए। संगठन के मुताबिक, हमला तटीय इलाके जिवानी में किया गया और इसे उसकी समुद्री इकाई हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) ने अंजाम दिया।
BLA ने 11 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में हमले की जानकारी दी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से हताहतों की संख्या या घटना को लेकर आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई थी। इसलिए 13 जवानों की मौत का आंकड़ा फिलहाल संगठन के दावे पर आधारित है।
जिवानी में दो नावों को निशाना बनाने का दावा
BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच के अनुसार, संगठन की समुद्री इकाई ने जिवानी के तटीय क्षेत्र में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड की दो नावों को निशाना बनाया। प्रवक्ता ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए दावा किया कि इसमें 13 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।
संगठन ने इस कार्रवाई को अपनी समुद्री गतिविधियों के विस्तार से जोड़कर पेश किया है। हालांकि, हमले की परिस्थितियों और हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या है BLA की हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स?
BLA के बयान के मुताबिक, संगठन ने 13 अप्रैल 2026 को अपनी समुद्री इकाई हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) के गठन की घोषणा की थी। संगठन का दावा है कि इस इकाई का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का विस्तार करना और बलूचिस्तान की तटरेखा तथा संसाधनों से जुड़े अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना है।
प्रवक्ता जीयंद बलोच ने यह भी दावा किया कि इस इकाई ने 12 अप्रैल 2026 को जिवानी के मील तियाब इलाके में पाकिस्तानी नौसेना की एक पेट्रोल बोट को निशाना बनाकर अपना पहला समुद्री ऑपरेशन किया था। उस घटना में भी संगठन ने तीन नौसैनिक कर्मियों की मौत का दावा किया था।
पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
ताजा हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से BLA के बयान और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्वतंत्र पुष्टि के अभाव में हताहतों की वास्तविक संख्या और घटना से जुड़े अन्य विवरणों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
ग्वादर जिले का जिवानी इलाका अरब सागर के तट पर स्थित है। यहां हुई इस घटना से क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। आने वाले समय में पाकिस्तानी अधिकारियों की प्रतिक्रिया और घटना से जुड़े सत्यापित विवरण सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
