गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुरुषोत्तम गुप्ता (30) और इंद्रजीत गुप्ता उर्फ गोलू (24) के रूप में हुई है। दोनों गरियाबंद के आजाद चौक के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों इस मामले में फरार चल रहे थे।
किराए के मकान में तलाशी के दौरान मिली थी पैकेजिंग सामग्री
पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर 2026 को ग्राम बसंत नगर, नारायणपुर में उत्तम देवनाथ के किराए के मकान में अवैध शराब में मिलावट और अनधिकृत पैकेजिंग में इस्तेमाल होने की आशंका वाली सामग्री रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भानुप्रतापपुर पुलिस ने मकान की तलाशी ली।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब की पैकेजिंग से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। इसमें 105 पत्ते स्टीकर और होलोग्राम, 4,409 खाली बोतलें, पौवा और अद्धी, खाली पौवा की 170 पेटियां तथा विभिन्न ब्रांडों के 3,380 ढक्कन शामिल थे। इसके अलावा जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 पौवा भी जब्त किए गए थे।
पहले आठ आरोपियों को भेजा जा चुका है जेल
इस मामले में पुलिस पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है। अब पुरुषोत्तम गुप्ता और इंद्रजीत गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई का केंद्र शराब में मिलावट और अनधिकृत पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल की आशंका वाली सामग्री की बरामदगी है। जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस गतिविधि में किन लोगों की क्या भूमिका थी और जब्त सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया जाना था।
आबकारी विभाग के दो अधिकारी निलंबित
प्रकरण में जिला आबकारी अधिकारी मधुकल हरित श्याम और आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ आबकारी विभाग के अधिकारियों पर हुई कार्रवाई भी चर्चा में है।
फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में अन्य लोगों की भूमिका और कथित अवैध गतिविधि के नेटवर्क को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
