मृतक की पहचान चंद्र प्रकाश शर्मा के रूप में हुई है। वह उचेहरा के वार्ड क्रमांक 11 स्थित रामघाट क्षेत्र की बरुआ नदी में डूब गए थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उनकी तलाश की, लेकिन रविवार को उनका पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह नदी में शव मिलने के बाद उसे बाहर निकाला गया।
रविवार को नहाने गए थे युवक, सोमवार सुबह मिला शव
मिली जानकारी के अनुसार, चंद्र प्रकाश शर्मा रविवार सुबह करीब 11 बजे बरुआ नदी में नहाने गए थे। काफी देर तक उनके वापस नहीं लौटने पर तलाश शुरू की गई। पुलिस और मोहल्ले के लोगों ने नदी के आसपास खोजबीन की, लेकिन युवक का पता नहीं चल पाया।
सोमवार सुबह नदी में उनका शव मिला। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। मृतक के पिता का नाम स्वर्गीय विष्णु बिहारी शर्मा बताया गया है। वह रामदेवाला, कारी माटी क्षेत्र के निवासी थे।
शव ले जाने के लिए कचरा वाहन भेजने पर विरोध
युवक का शव मिलने के बाद उसे मरचूरी तक पहुंचाने के लिए नगर परिषद की ओर से कचरा वाहन भेजा गया। इस पर मृतक के परिजनों, स्थानीय लोगों और पार्षद पुत्र शिवम यादव ने नाराजगी जताई। बताया गया कि विरोध के बाद वाहन को वापस भेज दिया गया।
इसके बाद शव को ऑटो से मरचूरी पहुंचाया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए कि शव को अस्पताल या मरचूरी तक ले जाने के लिए उपयुक्त वाहन की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी।
शव वाहन की व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने नगर परिषद और संबंधित स्वास्थ्य व्यवस्था में शव परिवहन की उपलब्धता पर सवाल खड़े किए हैं। परिजन पहले से ही युवक की मौत के कारण शोक में थे। ऐसे में शव को ले जाने के लिए कचरा वाहन भेजे जाने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसी परिस्थितियों में शव को सम्मानपूर्वक ले जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। हालांकि, इस मामले में नगर परिषद या संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर ही व्यवस्था से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की अपेक्षा
उचेहरा की इस घटना के बाद शव परिवहन के लिए उचित वाहन उपलब्ध कराने की जरूरत पर चर्चा हो रही है। स्थानीय निकाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय से ऐसी परिस्थितियों में समय पर उपयुक्त वाहन उपलब्ध कराया जा सकता है।
फिलहाल, घटना में युवक की मौत नदी में डूबने से हुई है, जबकि शव ले जाने के लिए कचरा वाहन भेजे जाने को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद इस मामले में प्रशासनिक जिम्मेदारी और उपलब्ध व्यवस्थाओं की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
