वन विभाग ने जब्त वाहन और सीताफल के मामले में वन अधिनियम तथा जैव विविधता से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।
दूसरे राज्यों के बिचौलियों पर सीताफल खरीदने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, देवभोग क्षेत्र में अभयारण्य की सीमा से लगे जंगलों में प्राकृतिक रूप से मिलने वाले सीताफल अपनी मिठास और गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह से दूसरे राज्यों के बिचौलियों की भी इन फलों पर नजर रहती है। आरोप है कि स्थानीय बिचौलिये जंगलों से मिलने वाले सीताफल को बाहरी व्यापारियों को बेचते हैं।

300 रुपये प्रति कैरेट की दर से खरीदने की कोशिश
बताया गया है कि हाल ही में ओडिशा और झारखंड से पिकअप वाहन लेकर पहुंचे कुछ लोगों द्वारा करीब 300 रुपये प्रति कैरेट की दर से सीताफल खरीदकर उसका परिवहन करने का प्रयास किया जा रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को मिली, जिसके बाद देवभोग वन परिक्षेत्र की टीम ने वाहनों को घेरने की कोशिश की।
इस कार्रवाई के दौरान ओडिशा पासिंग पिकअप को पकड़ लिया गया, जबकि झारखंड नंबर की दूसरी गाड़ी मौके से निकल गई।
48 कैरेट सीताफल जब्त, आगे भी कार्रवाई की बात
वन विभाग ने पिकअप के साथ 48 कैरेट सीताफल जब्त किए हैं। विभाग की ओर से वन अधिनियम और जैव विविधता संबंधी उल्लंघन के मामले में कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही, इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में जब्त वाहन के मालिक, संबंधित लोगों और मामले में आगे की कार्रवाई का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
