वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, इसके बावजूद नई दिल्ली क्षेत्र में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जंतर-मंतर और सेंट्रल दिल्ली के आसपास करीब 5,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस विरोध में राजनीतिक दलों के साथ छात्र संगठन और नागरिक समूह भी शामिल रहे हैं।
जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर कड़ा पहरा
दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के जुटने की आशंका को देखते हुए जंतर-मंतर, संसद मार्ग, टॉल्स्टॉय मार्ग, जनपथ और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंचने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
5 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस के अलावा रिजर्व फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवान शामिल हैं। हालिया रिपोर्टों में नई दिल्ली क्षेत्र में करीब 5,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का उल्लेख किया गया है।
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की संभावित आवाजाही को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की है। इससे पहले भी जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। 2 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
ड्रोन और CCTV से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत इलाके में ड्रोन और CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
हालिया प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में तैनात पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरे भी उपलब्ध कराए हैं, ताकि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली घटनाओं की रिकॉर्डिंग की जा सके।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों और कुछ संगठनों की प्रमुख मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी शामिल है। हालांकि, चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है।
प्रदर्शन को लेकर पुलिस का सख्त रुख
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी थी। नई दिल्ली जिले में निषेधात्मक आदेश भी लागू किए गए थे, जिसके तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगाई गई थी।
इससे पहले प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गईं। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
