NASA ने 8 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय (OSTP) के ‘गोल्डन एज समिट’ के साथ इन पहलों की घोषणा की। एजेंसी के अनुसार, इनका उद्देश्य वैज्ञानिक शोध की गुणवत्ता, समीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है।
शोध प्रस्तावों की समीक्षा में बढ़ेगी पारदर्शिता
NASA अपने साइंस मिशन डायरेक्टरेट के अंतर्गत एक समन्वित ‘मेटासाइंस’ पहल शुरू कर रही है। इसके जरिए एजेंसी की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता, दक्षता, पारदर्शिता और उत्पादकता बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
इस पहल का एक प्रमुख हिस्सा डुअल-अनॉनिमस पीयर रिव्यू यानी दोहरी गुमनाम समीक्षा प्रक्रिया का विस्तार है। इसमें प्रस्ताव का मूल्यांकन करते समय समीक्षकों को शुरुआत में प्रस्ताव देने वाले शोधकर्ता या उनकी संस्था की पहचान नहीं बताई जाती।
इस व्यवस्था का उद्देश्य शोधकर्ता की पहचान या संस्थागत पृष्ठभूमि से प्रभावित होने के बजाय प्रस्ताव के वैज्ञानिक महत्व पर ध्यान केंद्रित करना है। NASA के मुताबिक, इससे नए और पारंपरिक तरीकों से अलग शोध विचारों को निष्पक्ष मूल्यांकन का अवसर मिल सकता है।
Genesis Mission के तहत 10 शोधार्थियों को मिलेगी फेलोशिप
NASA की दूसरी पहल Genesis Mission Fellowships से जुड़ी है। इसके तहत एजेंसी 10 ऐसे डॉक्टरेट शोधार्थियों को सहयोग देगी, जिनके पास सुपर इंटेलिजेंस (SI) और विज्ञान या इंजीनियरिंग के क्षेत्र में संयुक्त विशेषज्ञता होगी।
ये शोधार्थी NASA के मिशन से जुड़े विषयों पर काम करेंगे और एजेंसी की प्रयोगशालाओं में शोध करेंगे। इसका उद्देश्य उन्नत AI क्षमताओं का इस्तेमाल करके वैज्ञानिक खोजों को आगे बढ़ाना है।
NASA के अनुसार, यह फेलोशिप कार्यक्रम उसके पहले से संचालित ‘फ्यूचर इन्वेस्टिगेटर्स इन NASA अर्थ एंड स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ (FINESST) कार्यक्रम के मॉडल पर आधारित होगा।
विज्ञान और तकनीक में नवाचार पर जोर
NASA के प्रशासक जेरेड आइजैकमैन ने कहा कि एजेंसी नई वैज्ञानिक अवधारणाओं को आगे बढ़ाने, बेहतर शोध मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने और अगली पीढ़ी के शोधकर्ताओं में निवेश करने पर ध्यान दे रही है।
इन घोषणाओं के दौरान आइजैकमैन और व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय के निदेशक माइकल क्रैट्सियोस ने अमेरिकी विज्ञान और तकनीकी नवाचार के भविष्य पर भी चर्चा की।
NASA के मुताबिक, दोनों पहल वैज्ञानिक शोध की प्रक्रियाओं को मजबूत करने और AI की मदद से नई खोजों की संभावनाएं बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
अंतरिक्ष अनुसंधान में AI की भूमिका बढ़ाने की तैयारी
NASA पहले से ही अपने अंतरिक्ष अभियानों, वैज्ञानिक आंकड़ों और इंजीनियरिंग क्षमताओं के साथ AI के उपयोग की संभावनाओं पर काम कर रही है। एजेंसी का मानना है कि उन्नत AI उपकरण विशाल वैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण करने और जटिल समस्याओं के समाधान खोजने में मदद कर सकते हैं।
नई पहलों के जरिए NASA वैज्ञानिक प्रस्तावों के मूल्यांकन में निष्पक्षता बढ़ाने के साथ ऐसे शोधकर्ताओं को तैयार करना चाहती है, जो विज्ञान और उन्नत AI तकनीक दोनों में दक्ष हों।
इन कार्यक्रमों के परिणाम आने वाले समय में सामने आएंगे। फिलहाल, NASA ने इन्हें वैज्ञानिक खोज और तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में अपनी नई पहल के रूप में प्रस्तुत किया है।
