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एयरपोर्ट पर ₹1.56 करोड़ की विदेशी मुद्रा जब्त,मलेशिया जा रहे दो यात्री गिरफ्तार

हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेशी मुद्रा जब्ती की कार्रवाई का प्रतीकात्मक दृश्य हैदराबाद एयरपोर्ट पर 1.56 करोड़ की विदेशी मुद्रा जब्त
तेलंगाना के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो यात्रियों से करीब 1.56 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की है। दोनों यात्री एयरएशिया की फ्लाइट से मलेशिया के कुआलालंपुर जाने वाले थे। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा को ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच छिपाकर रखा गया था। मामले में दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी गई है।

खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई

DRI की हैदराबाद जोनल यूनिट को मिली सूचना के आधार पर 22 अक्टूबर को कुआलालंपुर जाने वाली एयरएशिया की फ्लाइट AK-68 में सवार होने वाले एक पुरुष यात्री को रोका गया। उसके केबिन बैगेज की तलाशी लेने पर अलग-अलग देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हुई।

अधिकारियों के अनुसार, यात्री के बैग से 66,600 अमेरिकी डॉलर, 3,773 मलेशियाई रिंगित और 2 सिंगापुर डॉलर मिले। इनकी कुल कीमत करीब 63.62 लाख रुपये आंकी गई।

महिला यात्री के पास भी मिले अमेरिकी डॉलर

पूछताछ के दौरान पुरुष यात्री ने उसी फ्लाइट से यात्रा कर रही एक महिला के पास भी विदेशी मुद्रा होने की जानकारी दी। इसके बाद DRI अधिकारियों ने महिला को रोककर उसके बैग की तलाशी ली।

तलाशी में महिला के पास से 97,600 अमेरिकी डॉलर बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 91.94 लाख रुपये बताई गई। यह रकम भी ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच छिपाकर रखी गई थी।

दोनों यात्रियों से बरामद विदेशी मुद्रा का कुल मूल्य लगभग 1.56 करोड़ रुपये बताया गया है।

दस्तावेज नहीं दिखा सके यात्री

DRI के मुताबिक, दोनों यात्री बरामद विदेशी मुद्रा के वैध स्रोत और उसे देश से बाहर ले जाने से संबंधित जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद अधिकारियों ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत पूरी विदेशी मुद्रा और उसे छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रॉली बैग जब्त कर लिए।

दोनों यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। DRI ने फिलहाल उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

विदेशी मुद्रा कहां से आई, जांच जारी

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि विदेशी मुद्रा कहां से हासिल की गई थी और इसे मलेशिया ले जाने का उद्देश्य क्या था। मामले में विदेशी मुद्रा के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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