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हाईकोर्ट से राहत के बाद दुर्ग विश्वविद्यालय पहुंचे भूपेंद्र कुलदीप, नहीं मिली ज्वाइनिंग

हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में ज्वाइनिंग देने पहुंचे पूर्व कुलसचिव डॉ. भूपेंद्र कुलदीप भूपेंद्र कुलदीप को दुर्ग विश्वविद्यालय में नहीं मिली ज्वाइनिंग
छत्तीसगढ़ के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में पूर्व कुलसचिव डॉ. भूपेंद्र कुलदीप की ज्वाइनिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद डॉ. कुलदीप शुक्रवार को विश्वविद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे, लेकिन उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन स्तर पर कोई नया आदेश जारी नहीं होने का हवाला दिया। इस दौरान वे कई घंटे तक विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद रहे।

कुलसचिव के कक्ष में लगा रहा ताला

डॉ. भूपेंद्र कुलदीप के विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद परिसर में हलचल बनी रही। स्टाफ के सदस्य भी घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे। बताया गया कि कुलसचिव के लिए निर्धारित कक्ष में ताला लगा हुआ था। हालांकि, कक्ष बंद रखने के पीछे विश्वविद्यालय प्रशासन की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

हाईकोर्ट से राहत के बाद ज्वाइनिंग देने पहुंचे

डॉ. भूपेंद्र कुलदीप की नई पदस्थापना उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में की गई थी। इस आदेश के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत से राहत मिलने के बाद वे दोबारा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में ज्वाइनिंग देने पहुंचे।

ज्वाइनिंग के संबंध में डॉ. कुलदीप से संपर्क किया गया तो उन्होंने अपने वकील से बात करने के लिए कहा। फिलहाल विश्वविद्यालय में उनकी वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

डॉ. अनिल कुमार पांडेय संभाल चुके हैं कुलसचिव का कार्यभार

इस बीच, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार पांडेय को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का कुलसचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया था। खबर के अनुसार, वे फिलहाल दो दिन के अवकाश पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. नीलू श्रीवास्तव को प्रभारी कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शासन के निर्देशों के अनुसार होगा फैसला: कुलपति

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि फिलहाल शासन स्तर पर इस मामले में कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन शासन के निर्देशों का पालन करेगा। उनके मुताबिक, यह मामला शासन और याचिकाकर्ता के बीच का है।

अब डॉ. भूपेंद्र कुलदीप की ज्वाइनिंग को लेकर आगे की स्थिति शासन के निर्णय और संबंधित निर्देशों पर निर्भर करेगी।

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