छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान मुरासु का असर दिखाई देने लगा है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय यह तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 2 से 4 नवंबर तक प्रदेश के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान में इन तीन दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
9 जिलों में यलो अलर्ट, बस्तर संभाग में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मुरासु के प्रभाव से सोमवार 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इनमें कांकेर और धमतरी समेत अन्य जिले शामिल हैं।
वहीं, 3 और 4 नवंबर को बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने परिस्थितियों को देखते हुए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान बना मुरासु
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात मुरासु पिछले 24 घंटों में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 5:30 बजे यह चेन्नई से करीब 200 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से 210 किलोमीटर दूर था। उस समय तूफान लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था।
पूर्वानुमान के अनुसार, मुरासु 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
रायपुर में बारिश और अंधड़ चलने की संभावना
चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। तेज झोंकों के दौरान हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शहर में बारिश, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई है। रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बादल छाने और बारिश की गतिविधियों के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
जगदलपुर में सबसे ज्यादा तापमान, बलरामपुर में 50 मिमी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।
बारिश के मामले में बलरामपुर में सबसे ज्यादा 50 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि ओरछा में 10 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कई राज्यों में दिखेगा चक्रवात मुरासु का असर
चक्रवात मुरासु का प्रभाव केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। इसके चलते मध्य प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी मौसम प्रभावित हो सकता है।
भारत ने दिया है चक्रवात मुरासु को नाम
चक्रवात मुरासु का नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है। खबर के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर यह देश में सक्रिय होने वाला दूसरा चक्रवात है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने कई राज्यों के मौसम को प्रभावित किया था।
