
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अस्पताल ने हजारों बच्चों को नया जीवन देकर उनके परिवारों में उम्मीद और खुशियां लौटाई हैं। जरूरतमंद बच्चों का निःशुल्क उपचार करना मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में संवेदना और विश्वास मजबूत करने का माध्यम भी है।

जनजातीय विद्यार्थियों के लिए बनेगा नर्सिंग कॉलेज
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज भवन और डॉरमेटरी का भूमिपूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान से जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत है। नर्सिंग कॉलेज से कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भी अस्पताल के निःशुल्क उपचार और मानव सेवा के कार्यों की सराहना की। उन्होंने 45 हजार बच्चों की सफल शल्य चिकित्सा की उपलब्धि पर संस्थान की टीम को बधाई दी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के पदाधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
