महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत से उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगी है। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सौरभ चंद्राकर का फर्जी पासपोर्ट भी जब्त किया। बचाव पक्ष के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सवाल उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की।
गिरफ्तारी को लेकर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के बचाव पक्ष के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताया। वकील ने दलील दी कि जब भारत सरकार ने ओमान को केवल मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी थी, तो फिर CBI ने किस आधार पर सौरभ चंद्राकर को गिरफ्तार किया?
इस पर CBI ने जवाब देते हुए कहा कि ओमान सरकार के जिस पुराने आदेश का हवाला दिया जा रहा है, वह पहले का आदेश था। जांच एजेंसी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी नए आदेश के तहत की गई है, जिसमें किसी विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई लंच के बाद दोपहर 2:30 बजे तय की।
भिलाई से दुबई तक पहुंचा सौरभ चंद्राकर का कारोबार
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। बताया जाता है कि उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे और सौरभ की एक जूस की दुकान भी थी। अपनी आजीविका चलाने के दौरान वह अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ा।
इसके बाद दोनों ने ऑनलाइन सट्टा ऐप शुरू किया। कारोबार बढ़ाने के लिए सौरभ वर्ष 2019 में दुबई चला गया। बाद में उसने अपने इंजीनियर दोस्त रवि उप्पल को भी कारोबार में शामिल होने के लिए दुबई बुला लिया।
ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए मोबाइल इस्तेमाल करने वाली नई पीढ़ी तक भी यह कारोबार पहुंचा। पारंपरिक रूप से सट्टा खिलाने वाले लोग भी इस व्यवस्था से जुड़ने लगे। धीरे-धीरे महादेव सट्टा ऐप लोकप्रिय हुआ और इसके प्रमोटरों का कारोबार बढ़ता गया।
दुबई में कारोबार फैलाने और हवाला के इस्तेमाल का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, सट्टेबाजी से मिलने वाले पैसों को खातों तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। नए यूजर और फ्रेंचाइजी यानी पैनल लेने वालों को आकर्षित करने के लिए भारत में सट्टेबाजी वेबसाइटों के प्रचार पर भी नकद रकम खर्च की जाती थी।
ईडी ने आरोप लगाया था कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपना कारोबार और नेटवर्क खड़ा किया।
शादी में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप
ईडी के आरोपों के मुताबिक, फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने UAE के रास अल खैमाह (RAK) में शादी की थी। इस समारोह पर महादेव ऐप के प्रमोटरों ने कथित तौर पर करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए थे।
परिवार के सदस्यों को नागपुर से UAE ले जाने के लिए निजी जेट किराए पर लिए गए थे। शादी के आयोजन में मुंबई से वेडिंग प्लानर, डांसर और डेकोरेटर बुलाए गए थे। आरोप है कि इनके भुगतान के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को 112 करोड़ रुपये देने का दावा
ईडी के मुताबिक, डिजिटल साक्ष्यों में सामने आया था कि योगेश पोपट की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हवाला के जरिए 112 करोड़ रुपये दिए गए थे। इसके अलावा होटल बुकिंग के लिए 42 करोड़ रुपये का भुगतान UAE की मुद्रा दिरहम में नकद किए जाने का आरोप लगाया गया था।
ऐप में हिस्सेदारी और दर्ज मामलों का विवरण
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद महादेव सट्टा ऐप के कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर भी जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के पास 50 प्रतिशत, रवि उप्पल के पास 25 प्रतिशत, शुभम सोनी के पास 10 प्रतिशत और अनिल अग्रवाल के पास 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है।
इस मामले में अब तक 70 एफआईआर दर्ज होने और 300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया गया है। फिलहाल सौरभ चंद्राकर की ट्रांजिट रिमांड को लेकर अदालत में सुनवाई जारी है। जांच एजेंसियों की पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई से मामले के अन्य पहलुओं पर जानकारी सामने आ सकती है।
