AI और मशीन लर्निंग के लिए बनेगा उत्कृष्टता केंद्र
कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। पांच वर्षीय परियोजना पर लगभग 35.48 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें से 18.46 करोड़ रुपये का अनुदान छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन से मांगा जाएगा। प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा।
योजना के तहत चार प्रयोगशालाएं, GPU कंप्यूट क्लस्टर वाला डेटा सेंटर, स्मार्ट कक्ष और इनक्यूबेशन स्थल विकसित करने का प्रस्ताव है। अगले पांच वर्षों में 30 हजार विद्यार्थियों और 3 हजार शासकीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के साथ 20 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
रक्षा और सामरिक अध्ययन संस्थान की स्थापना
विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एवं सामरिक अध्ययन संस्थान स्थापित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके संचालन के लिए सात शैक्षणिक और नौ तकनीकी एवं अशैक्षणिक पदों सहित कुल 16 नए पद सृजित करने का प्रस्ताव पारित हुआ है।
इन पदों पर सालाना लगभग 1.91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव को उच्च शिक्षा संचालनालय के माध्यम से राज्य शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
2027-28 से शुरू होगा भाषा केंद्र
कार्यपरिषद ने सत्र 2027-28 से भारतीय एवं विदेशी भाषा केंद्र शुरू करने को मंजूरी दी है। पहले चरण में फ्रेंच, जर्मन, जापानी, छत्तीसगढ़ी, ओड़िया और मराठी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने की योजना है।
आगे चलकर रूसी, स्पेनिश, कोरियाई, चीनी, अरबी, तमिल और उर्दू जैसी भाषाएं भी चरणबद्ध तरीके से शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषाओं का अध्ययन करने का अवसर मिल सकेगा।
कृषि विज्ञान की 40 सीटों वाला पाठ्यक्रम प्रस्तावित
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सहयोग से हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में कृषि विज्ञान अध्ययन केंद्र शुरू करने को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार, सत्र 2027-28 से चार वर्षीय स्नातक कृषि विज्ञान कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है। इसमें 40 सीटें प्रस्तावित हैं।
पाठ्यक्रम में मधुमक्खी पालन और बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी जैसे व्यावसायिक विषय भी शामिल किए जाने की योजना है। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच पांच वर्ष का समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा।
विशेष शिक्षा के दो पाठ्यक्रमों को कार्योत्तर अनुमोदन
बैठक में भारतीय पुनर्वास परिषद को सत्र 2027-28 के लिए भेजे गए विशेष शिक्षा के दो पाठ्यक्रमों के प्रस्तावों को कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया। ये पाठ्यक्रम श्रवण बाधिता और बौद्धिक अक्षमता से संबंधित हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 30-30 सीटें प्रस्तावित हैं।
पात्र विद्यार्थियों को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग
भारत सरकार की योजना के तहत विश्वविद्यालय में डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यहां पात्र अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और पीएम केयर्स योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।
प्रस्तावित केंद्र में UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) की परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना है।
MSc प्रयोगशालाओं के लिए चार करोड़ रुपये का बजट
विश्वविद्यालय में MSc पाठ्यक्रमों की प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण खरीदने के वास्ते चार करोड़ रुपये के प्राक्कलन को मंजूरी दी गई। यह राशि गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, प्राणीशास्त्र और वनस्पति विज्ञान की प्रयोगशालाओं के लिए उपकरण खरीदने पर खर्च की जाएगी।
खरीद प्रक्रिया GeM पोर्टल या ई-प्रोक्योरमेंट के माध्यम से पूरी करने का प्रस्ताव है, ताकि उपकरणों की खरीद पारदर्शी तरीके से हो सके।
कार्यपरिषद की बैठक में कई सदस्य रहे मौजूद
बैठक में डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. राजलक्ष्मी सेलेट, डॉ. हंसा शुक्ला, विवेक मिश्रा और डॉ. शालिनी गुप्ता कार्यपरिषद के सदस्य के रूप में उपस्थित रहे। बैठक के अंत में कुलसचिव डॉ. अनिल पांडे ने आभार व्यक्त किया।
इन प्रस्तावों के लागू होने पर विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा, कृषि विज्ञान, भाषाओं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से जुड़े अवसरों का विस्तार हो सकता है। हालांकि, कुछ योजनाओं के लिए राज्य शासन की मंजूरी और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
