सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में इन दिनों 26 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हाथियों का यह दल कर्मकट्ठरा जंगल में डेरा जमाए हुए है। दल के साथ मौजूद एक दंतैल हाथी के आक्रामक व्यवहार के कारण वन विभाग की टीम को निगरानी के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। वहीं, मोहनपुर और महेशपुर के खेतों में धान की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
कर्मकट्ठरा जंगल में हाथियों का जमावड़ा, ग्रामीणों ने आना-जाना किया बंद
अंबिकापुर के उदयपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कर्मकट्ठरा जंगल में 26 हाथियों का दल मौजूद है। हाथियों की लगातार हलचल और चिंघाड़ से आसपास के ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल है। सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों ने जंगल में आना-जाना बंद कर दिया है।
हाथियों की मौजूदगी के कारण जंगल और आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का दल जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ सकता है।
मोहनपुर और महेशपुर में धान की फसल को नुकसान
मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले चार दिनों से हाथियों का दल मोहनपुर और महेशपुर के खेतों में पहुंच रहा है। इस दौरान धान की फसलों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। खेतों में तैयार हो रही फसल को बचाना किसानों के लिए चुनौती बन गया है।
धान की फसल को लेकर चिंतित किसान हाथियों की आवाजाही पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को यह भी डर है कि यदि हाथियों का दल आबादी की ओर बढ़ा, तो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
आक्रामक दंतैल की गतिविधियों पर वन विभाग की नजर
हाथियों के इस दल के साथ मौजूद एक दंतैल हाथी वन विभाग की निगरानी के दौरान चुनौती बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, उसका व्यवहार आक्रामक है, जिसके चलते वन विभाग की टीम उसके नजदीक जाने से बच रही है।
वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। विभाग की प्राथमिकता हाथियों की स्थिति पर निगरानी रखने के साथ ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाना है।
हाथियों की मौजूदगी से जंगल कटाई का काम रोका गया
हाथियों के विचरण को देखते हुए उदयपुर वन परिक्षेत्र में जंगल कटाई का काम भी रोक दिया गया है। फिलहाल वन विभाग का ध्यान हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी अप्रिय घटना को रोकने पर है।
कर्मकट्ठरा जंगल में हाथियों के दल की मौजूदगी से एक ओर ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है, तो दूसरी ओर किसानों की धान की फसल पर नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। आने वाले दिनों में हाथियों की आवाजाही किस दिशा में रहती है, इस पर ग्रामीणों और वन विभाग की नजर बनी हुई है।
