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57वीं काउंसिल के 5 बड़े फैसले, अब टैक्स अफसर नहीं कर सकेंगे गिरफ्तारी

57वीं काउंसिल के 5 बड़े फैसले, अब टैक्स अफसर नहीं कर सकेंगे गिरफ्तारी 57वीं काउंसिल के 5 बड़े फैसले, अब टैक्स अफसर नहीं कर सकेंगे गिरफ्तारी

GST 2.0: केंद्र सरकार ने GST व्यवस्था को ज्यादा आसान और कारोबार के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर 2026 को हुई 57वीं GST काउंसिल की बैठक में टैक्स प्रशासन, रिफंड, अभियोजन और अनुपालन से जुड़े कई अहम सुधारों को मंजूरी दी गई।

बैठक में सबसे बड़ा बदलाव GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने और टैक्स चोरी के मामलों में आपराधिक कार्रवाई की सीमा 1 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने का रहा। सरकार का जोर GST व्यवस्था को दंडात्मक के बजाय ज्यादा भरोसेमंद और कारोबार के लिए सुगम बनाने पर है।

GST रिफंड की प्रक्रिया होगी तेज

GST रिफंड को लेकर भी कारोबारियों के लिए राहत का रास्ता साफ किया गया है। सुधारों का उद्देश्य रिफंड प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना है। पहले रिफंड प्रक्रिया में लंबा समय लगने की शिकायतें रही हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, नई व्यवस्था में रिफंड आवेदन को 10 दिनों के भीतर स्वीकार करने का प्रावधान होगा और जोखिम जांच के बाद करीब 90 फीसदी राशि पहले जारी करने की व्यवस्था की जा रही है। पूरी प्रक्रिया को करीब 17 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे खास तौर पर MSME, निर्यातकों और छोटे कारोबारियों की कार्यशील पूंजी लंबे समय तक अटकने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म

GST 2.0 के तहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी से जुड़ा है। GST कानून के तहत अधिकारियों को मिली गिरफ्तारी की शक्ति को हटाने का फैसला किया गया है।

इस कदम का उद्देश्य कारोबारियों में अनुपालन को लेकर भरोसा बढ़ाना और सामान्य GST विवादों को आपराधिक कार्रवाई की बजाय प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रिया के जरिए सुलझाना है।

₹5 करोड़ से कम टैक्स चोरी पर आपराधिक कार्रवाई से राहत

GST से जुड़े मामलों में आपराधिक अभियोजन की सीमा भी बढ़ा दी गई है। अब यह सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है।

इसका मतलब है कि ₹5 करोड़ तक की टैक्स चोरी के मामलों में सामान्य तौर पर आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, टैक्स की वसूली, ब्याज और लागू वित्तीय दंड की प्रक्रिया अलग से जारी रह सकती है।

ईमानदार खरीदारों के ITC को सुरक्षित करने पर जोर

Input Tax Credit यानी ITC को लेकर भी काउंसिल ने वास्तविक और ईमानदार खरीदारों को राहत देने की दिशा में कदम उठाया है। इसका उद्देश्य ऐसी स्थिति से बचना है जिसमें खरीदार ने अपनी तरफ से सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की हों, लेकिन सप

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